स्वराज बिल से जनप्रतिनिधियों को पंगु बनाने की तैयारी

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Wednesday, February 05, 2014-11:47 AM

नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी):आम आदमी पार्टी की सरकार ने कैबिनेट में लोकपाल बिल पास करने के बाद अब स्वराज बिल के प्रारूप पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। लेकिन बिल में जिस तरह के प्रावधान किए जा रहे हैं उससे विवादों का नया पिटारा खुलना तय है। अगर राजधानी में स्वराज लागू हो गया तो विधायक और पार्षद पंगु हो जाएंगे। 

दिल्ली स्वराज बिल का प्रारूप तैयार करने में जुटे आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अगर बिल लागू हो गया तो राजधानी में क्रान्ति आ जाएगी। मौजूदा लोकतांत्रिक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन होने में देर नहीं लगेगा। स्वराज का मकसद चुनिंदा हाथों में केंद्रित हो चुकी सत्ता को आम जनता के हाथों में सौंपने की है। इस कड़ी में मोहल्ला सभाओं के जरिए सत्ता में आम जनता की भागीदारी को सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। अब मोहल्ला सभाएं, जिसमें स्थानीय जनता की सीधी भागीदारी होगी, अपने इलाके के हर छोटे-बड़े काम को खुद करेगी। इलाके में अस्पताल खोलना है, स्कूल खोलना है या इसी तरह के अन्य काम अब सीधे मोहल्ला सभाओं के जरिए होंगे। 

हर वार्ड में 8 से 12 मोहल्ला सभा

एक वार्ड में 8 से 12 मोहल्ला सभाओं के गठन की तैयारी की जा रही है। इलाके का हर काम इन सभाओं की मंजूरी से हुआ करेंगे। विधायक फंड समाप्त करके इस रकम को मोहल्ला सभाओं को देने की तैयारी की जा रही है। पार्षदों के फंड को भी समाप्त करने की बात की जा रही है। लेकिन अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। मगर सरकार के रूख को देखते हुए तय माना जा रहा है कि पार्षद फंड को भी समाप्त कर मोहल्ला सभाओं को दे दी जाएगी।

मोहल्ला सभा हटा सकती है पार्षदों को

मोहल्ला सभाएं अगर चाहे तो अपने इलाके के पार्षद को हटा सकती हैं। वार्ड की मोहल्ला सभाएं दो तिहाई बहुमत से किसी भी पार्षद को हटा सकती हैं। अब आप समझ सकते हैं कि स्वराज का क्या मतलब होगा। इतना ही नहीं, जिस जमीन को लेकर मारामारी मचती है उसके लैंड यूज को बदलने का अधिकार भी मोहल्ला सभाओं के पास होगा। अब तक यह अधिकार डी.डी.ए. के जरिए केंद्रीय शहरी विकाय मंत्रालय के पास था।

शराब दुकान को मंजूरी

किसी भी इलाके में शराब की दुकान मोहल्ला सभा की मंजूरी के बिना नहीं खुल सकेगी। अगर मोहल्ला सभाएं कहेंगी तो पुलिस को एफआईआर भी दर्ज करनी होगी। यही नहीं, अगर पुलिस कोई एफआईआर दर्ज करती है तो इसकी सूचना 2 घंटे के भीतर संबंधित मोहल्ला सभा को देनी पड़ेगी। 


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