एस.आई.टी. को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए एक वर्ष की समय सीमा दी जाए : दिल्ली सरकार

  • एस.आई.टी. को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए एक वर्ष की समय सीमा दी जाए : दिल्ली सरकार
You Are HereNational
Thursday, February 06, 2014-7:54 PM
नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने आज उप राज्यपाल से 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन की सिफारिश की और यह भी कहा कि इस दल को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए एक वर्ष की समय सीमा दी जाए।
 
विशेष जांच दल से सिख विरोधी दंगों की जांच कराने के बारे में आज कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया।शिक्षा और लोक निर्माण विभाग में मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि‘कैबिनेट ने फैसला किया कि 1984 के दंगा मामलों की जांच के लिए सरकार उप राज्यपाल नजीब जंग से विशेष जांच दल एस.आई.टी. के गठन की सिफारिश करेगी।
 
एस.आई.टी. जांच के अंतर्गत वह तमाम मामले जो बंद कर दिए गए हैं या बेनतीजा मान लिए गए हैं, उन्हें फिर से खोला जाएगा, उनकी जांच फिर से की जाएगी और अगर जरूरत होगी तो ताजा प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।उन्होंने कहा कि उन मामलों में जहां जांच का काम पूरा हो गया है, आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
 
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली से बाहर के पुलिस अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस को एसआईटी से दूर रखा जाएगा क्योंकि मामले में उनकी भूमिका के बारे में कई सवाल उठे हैं। एसआईटी के कार्यक्षेत्र का खुलासा करते हुए सिसोदिया ने कहा कि प्राथमिकियों को खोलने के अलावा पुलिस द्वारा साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
 
सिसोदिया ने कहा, ‘‘नानावती आयोग ने चार मामले खोले थे, लेकिन अब तक कुछ भी उल्लेखनीय नहीं हुआ। कई आयोगों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि उन्होंने साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की।
 

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You