छत्तीसगढ़: रमन सिंह ने पेश किया 54.7 हजार करोड़ का बजट

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Saturday, February 08, 2014-5:40 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया जिसमें लगभग 55 हजार करोड़ रूपए के व्यय का प्रस्ताव है। सिंह के पास वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी है।  सिंह द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ का 2014-15 का बजट 54 हजार 710 करोड़ रूपए का है। अपने बजट भाषण में सिंह ने कहा कि पूर्व के वर्षो की भांति इस बार के बजट में समृद्ध किसान , भूख तथा कुपोषण से मुक्ति, स्वस्थ छत्तीसगढ़, व्यक्ति में शक्ति, सशक्त नारी तथा गरीब वर्ग के कल्याण को मुख्य प्राथमिकता दी गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों को पारदर्शी, जनोन्मुखी और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। सिंह ने बताया कि इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है बल्कि निरन्तर आर्थिक मंदी के कारण संकट से गुजर रहे उद्योगों, विशेषकर लघु एवं मध्यम स्टील उद्योग को मंदी से उबारने के लिए करों में रियायतें प्रस्तावित की गई हैं।

बजट के अुनसार राज्य में लघु एवं मध्यम स्टील उद्योगों को प्रतिस्पद्र्धात्मक बनाने के लिये उनके द्वारा निर्मित उत्पाद पर प्रचलित केन्द्रीय विक्रयकर की दर दो प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत की जायेगी। वहीं लघु एवं मध्यम स्टील उद्योगों को कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धत सुनिश्चित करने के लिये प्रांत के बाहर से आयातित आयरन ओर पैलेट तथा बिलेट पर प्रचलित प्रवेशकर समाप्त किया जायेगा।

स्थानीय उद्योगों द्वारा निर्मित साइकिल एवं साइकिल पाटर्स पर वैट की प्रचलित दर पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत की जाएगी तथा राज्य के भिलाई इस्पात संयत्र द्वारा आयातित कोकिंग कोल पर देय प्रवेश कर की दर में युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। प्रचलित प्रवेश कर की दर को छह प्रतिशत को घटाकर एक प्रतिशत किया जाएगा। बाक्साइट पर प्रचलित प्रवेश कर की दर में युक्तियुक्तकरण करते हुये तीन प्रतिशत को घटाकर एक प्रतिशत किया जाएगा। बीमार एवं बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयां को पुनर्जीवित करने के लिए ऐसी इकाइयों के क्रय करने पर प्रचलित पांच प्रतिशत स्टाम्प शुल्क समाप्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अपने बजट भाषण में कहा कि राज्य में लकड़ी के विकल्प के रूप में उपयोग होने वाले यू.पी.व्ही.सी. से निर्मित दरवाजें एवं खिड़कियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रचलित वेट दर 14 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया जाएगा। स्थानीय सोयाबीन आधारित उद्योगों को प्रतिस्पद्र्धात्मक बनाने के उद्देश्य से उनके द्वारा कच्चे माल के रूप में क्रय किये जाने वाले सोयाबीन पर प्रचलित वैट दर पांच प्रतिशत को समाप्त किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में विभित्र स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इनके द्वारा निर्मित उत्पादों को वैट से मुक्त किया जाएगा। तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर प्रचलित वेट की दर पांच प्रतिशत समाप्त किया किया जाएगा। सिंह ने अपने बजट भाषण में छोटे व्यवसायियों को राहत देते हुए कहा कि व्यवसाइयों में स्व-सत्यापन एवं स्वैच्छिक अनुपालन की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवीन पंजीयन जारी करने से पूर्व विभागीय अधिकारियों द्वारा व्यवसाय स्थल निरीक्षण की अनिवार्यता को एक जनवरी, 2014 से समाप्त किया गया है।
 


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