मोदी का चिदंबरम पर हमला: कहा- जितना कीचड़ फेंकेंगे, कमल उतना ही खिलेगा

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Sunday, February 09, 2014-10:32 AM

चेन्नई: प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर तीखा हमला बोला जिन्होंने अर्थव्यवस्था पर उनके (मोदी) ज्ञान को लेकर सवाल उठाया था। मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि चिदंबरम के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था गिरावट के मामले में नए स्तर पर पहुंच गई है। मोदी ने उन्हें बार बार ‘‘पुनर्मतगणना मंत्री’’ (2009 चुनाव में पुनर्मतगणना में उनकी जीत का उल्लेख करते हुए) करार देते हुए कहा कि उनके और जानेमाने अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत ने उच्च बेरोजगारी, राजकोषीय घाटा और निम्न विकास दर दर्ज की।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘हावर्ड जाने का कोई मतलब नहीं। मायने रखता है कड़ी मेहनत किसी व्यक्ति ने एक सामान्य विद्यालय में पढ़ाई की, चाय बेची और हावर्ड का दरवाजा भी नहीं देखा उसने दिखा दिया कि अर्थव्यस्था कैसे संभाली जाती है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘गुजरात ने गत 10 वर्ष के दौरान औसतन 10.1 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है जबकि संप्रग के कार्यकाल में राष्ट्रीय औसत 7.6 रही है और दो वर्षों से यह गिरकर 4.5 हो गया है।’’

 

मोदी ने चिदंबरम पर जोरदार हमला बोला जिन्होंने हाल में दावोस में कहा था कि अर्थव्यवस्था पर मोदी के ज्ञान को डाक टिकट के पीछे लिखा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘पुनर्मतगणना मंत्री मेरे खिलाफ कुछ समय से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। मैं चुप था क्योंकि आप जितना कीचड़ फेंकेंगे, कमल उतना ही खिलेगा।’’ उन्होंने कहा कि चिदंबरम इतने अहंकारी हैं कि वह सोचते हैं कि वह समस्त ज्ञान का भंडार हैं। मोदी ने कहा, ‘‘वह ऐसे व्यवहार करते हैं कि जब भगवान ज्ञान बांट रहे थे तो वह पंक्ति में सबसे आगे खड़े थे।’’

 

मोदी ने ‘‘हावर्ड बनाम कड़ी मेहनत’’ नारे से अपनी तुलना चिदंबरम से करते हुए उन्हें ललकारा कि विकास और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर खुली बहस में उनका सामना करें। मोदी ने गुजरात के विकास के आंकड़े, बेरोजगारी और कर्ज की तुलना गुजरात से करते हुए कहा, ‘‘आपने अर्थव्यवस्था के ज्ञान से यही अर्जित किया है। दूसरी ओर देखिये हमने क्या किया है...तथ्य स्वयं बोलते हैं।’’ चिदंबरम ने हावर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए की है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने वित्तीय जवाबदेही कानून बनाया है जिसके तहत राज्यों को राजकोषीय घाटे को तीन प्रतिशत के नीचे नियंत्रित करना होता है लेकिन केंद्र का राजकोषीय घाटा 5.2 प्रतिशत है।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश का सकल ऋण 50 लाख करोड़ रुपये है जो कि जीडीपी का 50 प्रतिशत है। उन्होंने चिदंबरम को ऐसा व्यक्ति करार दिया जिसने देश के खजाने को ‘‘नष्ट’’ कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘देश यह जानना चाहता है कि और अधिक ऋण किसने खड़ा किया। यह उनका अर्थशास्त्र है।’’ मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री हावर्ड से हैं। मैं कड़ी मेहनत से हूं। हमें देश के विकास के लिए हावर्ड चाहिए या कड़ी मेहनत?’’ उन्होंने कहा कि 2004 में राजग नीत सरकार ने अपने कार्यकाल में आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर सुनिश्चित की थी।

 

उन्होंने कहा कि ‘‘श्रीमान पुनर्मतगणना मंत्री आपके आंकड़े के अनुसार 2012-2013 में सकल घरेलू उत्पाद :जीडीपी: वृद्धि दर 4.5 थी।’’ मोदी ने कहा कि जब उन्होंने 2001 में गुजरात की सत्ता संभाली तो जीडीपी वृद्धि दर शून्य से नीचे 4.8 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने तथाकथित अर्थव्यवस्था की सीमित ज्ञान के साथ कड़ी मेहनत की। देखिये हमने क्या प्राप्त किया है।’’ उन्होंने कहा कि 2001 और 2011-2012 के बीच भारत का औसत विकास दर 7.6 रहा वहीं गुजरात में यह 10.1 प्रतिशत था। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर उनके ‘‘जहर की खेती टिप्पणी’’ के लिए पलटवार करते हुए कहा कि संप्रग सरकार सेना में धर्म के आधार पर गणना करके ‘‘साम्प्रदायिकता के जहर के बीज’’ बो  रही है।


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