दादी के खजाने के चक्कर में पोते ने गंवाई जमा पूंजी

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Sunday, February 09, 2014-5:18 PM

हिसार: दादी द्वारा कई दशक पहले कथित रूप से घर के किसी हिस्से में जमीन में दबाए गए खजाने को हासिल करने के चक्कर में पोता अपनी जमा पूंजी भी गंवा बैठा। भिवानी जिले बाढड़ा कस्बे के सारंगपुर गांव निवासी बंसी लाल ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि उसकी दादी का 30 वर्ष पूर्व निधन हो गया था। परिजनों को आशंका थी कि दादी के पास सोने चांदी के गहने और नकदी काफी मात्रा में थे। बंसीलाल ने खजाने का पता लगाने के लिए नूंह के एक मौलवी मोहम्मद अली से सम्पर्क साधकर उसे घर बुलाया। मौलवी ने घर के किसी हिस्से में काफी मात्रा में सोने चांदी आभूषण और नकदी दबी होने तथा इसके लिए कुछ धार्मिक क्रियाएं करने की बात कही।

मौलवी ने बंसीलाल से पीर बाबा की मजार पर नकद पैसे का चढ़ावा रखने को कहा। इस पर बंसीलाल 09 जनवरी को 11 लाख 21 हजार की नकदी के साथ मजार पर पहुंचा। इसी दौरान मौलवी ने हेराफेरी कर बंसीलाल को पैकेट दिया कि इसे घर जाकर खोलना। घर पहुंचकर जब उसने पैकेट खोला तो उसमें कागज के टुकड़े मिले। वहा दोबारा मजार पर पहुंचा तो मौलवी वहां से नदारद था।

बंसीलाल ने पुलिस से मौलवी और उसके दो साथियों अल्लादीन और तासीम के खिलाफ कार्रवाई कर उसे ठगी गई राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है।


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