Subscribe Now!

अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं केजरीवाल: पार्रिकर

  • अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं केजरीवाल: पार्रिकर
You Are HereNational
Monday, February 10, 2014-10:14 PM

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की इस धमकी पर कि यदि जन लोकपाल विधेयक विधानसभा से पारित नहीं हुआ, तो वह इस्तीफा दे देंगे, गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने आज कहा कि केजरीवाल अपने दायित्वों से भाग रहे हैं और वह नहीं जानते हैं कि कैसे शासन चलाना है। उन्होंने यहां प्रेस ट्रस्ट से एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘वह कहते हैं कि यदि (विधेयक) पारित नहीं हुआ तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। इसे रणछोड़ स्वभाव कहते हैं। यदि उनमें साहस है तो वह वहां बने रहें, संघर्ष करे और यह काम करवाएं। यदि उन्होंने इसे (जन लोकपाल विधेयक पारित) कराने में तीन माह का समय लिया होता तो मैं उन्हें श्रेय देता। वह तो भाग रहे हैं। ’’

केजरीवाल ने कल धमकी दी थी कि यदि अन्य दलों से सहयोग के अभाव में उनका जन लोकपाल विधेयक विधानसभा से पारित नहीं होता है तो वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने आज फिर यह कहते हुए अपना रूख दोहराया कि वह ‘स्वराज’ सुनिश्चित करने और आम आदमी को सत्ता देने के लिए हजारों बार मुख्यमंत्री की कुर्सी का बलिदान करने के लिए तैयार हैं।

पार्रिकर ने कहा, ‘‘आपसे किसने कहा कि आप फिर चुनाव में जा रहे हैं। उन्हें कानून मालूम नहीं है, वह लोगों से झूठ बोल रहे हैं। यदि वह इस्तीफा देते हैं तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है और छह महीने बाद फिर कोशिश हो सकती है। हर चीज के लिए कानूनी प्रावधान है।’’ जन लोकपाल विधेयक पर भाजपा नेता ने कहा कि यह गलत धारणा है कि प्रस्तावित कानून से भ्रष्टाचार दूर किया जा सकता है और तुरंत सजा दी जा सकती है।  कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल इस विधेयक के खिलाफ हैं।

गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भारत की न्यायिक अवधारणा के तहत कोई भी जांच एजेंसी साथ ही सजा भी नहीं दे सकती। यदि आप जांच एजेंसी हैं तो आप जांच एजेंसी ही रहिए और बताइए कि अमुक व्यक्ति ने भ्रष्टाचार किया है, उसके बाद अदालत में उस पर सुनवाई होनी चाहिए। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘अतएव, जब मैंने अखबर में पढ़ा कि जन लोकपाल में उम्रकैद की सजा दी जाएगी, तो मुझे आश्चर्य हुआ। कैसे जन लोकपाल सजा परिभाषित कर सकता? जन लोकपाल व्यक्ति पर सुनवाई के काबिल नहीं होगा। यह अदालत में ही होना है। जब मामला अदालत जाता है तो आपको को पता है ही कि वहां कितने साल लगते हैं। ’’ पार्रिकर ने कहा, ‘‘दिल्ली में कोई सरकार नहीं है। उन्हें नहीं मालूम कि शासन कैसे चलाना है। भागने से काम नहीं होता ना। ’’

अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन

Recommended For You