मेरे खिलाफ FIR असंवैधानिकः वीरप्पा मोइली

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Friday, February 14, 2014-2:38 PM

नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने आज कहा कि सरकार गैस मूल्य वृद्धि के निर्णय को वापस नहीं लेगी। देश में गैस उत्पादक कंपनियों को 1 अप्रैल, से 2014 से बढ़ाने की अनुमति दी गयी है जो मौजूदा मूल्य का दोगुना हो जाएगा।

मोइली ने गैस मूल्य बढ़ाने को लेकर अपने एवं कुछ अन्य के खिलाफ दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तीखी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों की शिकायत पर यह प्राथमिकी दायर करने का निर्देश दिया था।

मोइली ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘ इस पर :मूल्य बढाने के निर्णय पर: रोक लगाने का सवाल ही कहां उठता है। यह :सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उत्पादकों दोनों के लिए गैस मूल्य बढ़ाने की अनुमति देने का निर्णय: एक सरकारी प्रक्रिया के जरिए की गयी है.. इस पर मंत्रिमंडल द्वारा दो बार विचार किया गया और दोबारा इसे मंजूरी दी गई है।’’

नयी दरें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा गठित समिति की सिफारिशों पर आधारित है और इस समिति का गठन मोइली के पूर्ववर्ती एस. जयपाल रेड्डी के अनुरोध पर प्रधानमंत्री ने किया था।   नयी दरें प्रति इकाई :एमएमबीटीयू: 4.2 डालर से बढकर 8-8.4 डालर हो जाएंगी।  इस सप्ताह की शुरआत में, केजरीवाल ने देश में गैस की कृत्रिम कमी पैदा करने और दाम बढ़ाने के लिए मोइली, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इसके चेयरमैन मुकेश अंबानी के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराने के आदेश दिए थे।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह एफआईआर के खिलाफ उच्च अदालत में जाएंगे तो, मोइली ने कहा कि इस पर निर्णय मंत्रिमंडल और प्रधानमंत्री को करना है क्योंकि गैस का मूल्य बढ़ाने का निर्णय उनका व्यक्तिगत निर्णय नहीं था।  उन्होंने कहा, ‘‘ मंत्रिमंडल द्वारा इसे दो बार :पहली बार जून, 2013 में और फिर दिसंबर में: मंजूरी दी गई।’’ 

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के ग्लोबल कांपैक्ट नेटवर्क की भारतीय शाखा द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में मोइली ने कहा कि जब तक प्रतिस्पर्धी मूल्य नहीं दिए जाते, देश के लिए उर्जा सुरक्षा हासिल नहीं की जा सकती।  उन्होंने कहा, ‘‘ 4.2 डालर :गैस मूल्य: पर ओएनजीसी द्वारा की गई कई खोजों को डीजीएच द्वारा वित्तीय रूप से अव्यवहारिक करार दिया जा चुका है। अधिक मूल्य देने से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और आयात पर अंकुश लगेगा जो 14 से 18 डालर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट की लागत पर होता है।’’

वहीं आप नेता आशुतोष ने  पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या मोइली दबाव में बयान दे रहे हैं?

 


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