भ्रष्टाचार के मामले में दीक्षित को खुद अपना बचाव करने दें: AAP

  • भ्रष्टाचार के मामले में दीक्षित को खुद अपना बचाव करने दें: AAP
You Are HereNational
Friday, February 14, 2014-9:01 PM

नई दिल्ली: आप नीत सरकार ने उस अपील को वापस लेने के लिए आज दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जिसके तहत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने रख पर जोर देते हुए सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा दायर अपील को वापस लेने के लिए मंत्रिमंडल द्वारा किए गए फैसले को उपराज्यपाल ने मंजूरी दे दी है और दीक्षित को अपना बचाव करना होगा क्योंकि वह मुख्यमंत्री नहीं हैं और नतीजतन उसके पास उनके लिए लडऩे का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।

याचिका में कहा गया है, ‘‘अपील याचिकाकर्त्ता ने दायर की थी। राज्य ने इस आधार पर अपील दायर की थी कि उसके पास कथित आरोपी का बचाव करने का अधिकार क्षेत्र था जो तब दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘बदली परिस्थितियों और नई सरकार के गठन के मद्देनजर तत्कालीन मुख्यमंत्री अब पद पर नहीं हैं और इसलिए राज्य मतलब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार का उनकी तरफ से मौजूदा याचिका में मुकदमा लडऩे का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।’’

सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में अपने किसी भी पदाधिकारी का बचाव करने का कोई फैसला नहीं किया है। इस याचिका पर 18 फरवरी को सुनवाई हो सकती है। याचिका में कहा गया है, ‘‘चूंकि मामला भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के सवालों से जुड़ा हुआ है इसलिए इसने मामले में अपने किसी भी पदाधिकारी का बचाव नहीं करने का फैसला किया है। किसी भी स्थिति में प्राथमिकी दर्ज करने का कोई भी आदेश व्यक्ति विशेष के खिलाफ उस अपराध के लिए है जिसे उन्होंने कथित तौर पर किया है और उन लोगों को अपना बचाव करना चाहिए।’’

पूर्ववर्ती सरकार पिछले साल सितंबर में निचली अदालत के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय गई थी। निचली अदालत ने भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर दीक्षित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। गुप्ता ने आरोप लगाया था कि दीक्षित के प्रशासन ने साल 2008 के विधानसभा चुनाव से पहले विज्ञापन अभियान में 22.56 करोड़ रपए के सरकारी धन का दुरपयोग किया। उस आदेश पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You