किताबों के महाकुंभ का आगाज

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Sunday, February 16, 2014-1:39 AM
नई दिल्ली : पुस्तक प्रेमियों का महाकुंभ शनिवार से शुरू हो गया। 9 दिनों तक चलने वाले विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया। कथा सागर बाल उत्सव के थीम के साथ शुरू हुए विश्व पुस्तक मेले में पहले ही दिन बच्चों का खासा उत्साह देखने को मिला। हंस ध्वनि थियेटर में उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा लोकतांत्रिक, उदारवादी, बहुसांस्कृतिक, बहुभाषी समाज ही हमारे देश की शक्ति है ।
 
पुस्तकें हमारे मानसिक स्तर को और हमारी सोच को विस्तार देती हैं। हमारे देश वासियों में ज्ञान प्राप्त करने की उत्कट जिज्ञासा है। 
उन्होंने मेले में पोलैंड देश की भागीदारी पर प्रसन्नता वयक्त करते हुए  थीम विषय ‘बालसाहित्य’ पर हुए कहा कि भारत के समृद्ध एवं विस्तृत साहित्य की झलक हमारी लोक परंपराओं, पंचतंत्र, पौराणिक कथाओं तथा जातक कथाओं में देखी जा सकती है । उन्होंने बाल साहित्य में रवीन्द्र नाथ टैगोर और प्रेमचंद जैसे प्रमुख लेखकों के योगदान का भी उल्लेख किया ।
 
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री, सुश्री चंद्रेश कुमारी कटोच ने कहा कि ऐसे तो प्रगति मैदान में अनेक मेले कए जाते हैं लेकिन यह मेला सबसे अनूठा है । उन्होंने बाल साहित्य को मेले की थीम बनाने पर हर्ष व्यक्त की और कहा कि भारत जैसे विशाल देश में एक बड़े स्तर पर पुस्तकों का प्रकाशन किया जाता है और पुस्तकें हमारे जीवन में प्रमुख भूमिका निभाती हैं। 
पोलैंड गणराज्य के सार्वजनिक एवं आर्थिक कूटनीति, विदेश मंत्रालय की सचिव, सुश्री कैटर जिना कैसेपरसीने पोलैंड के साथ भारत के रिश्तों की अहमियत बताते हुए कहा कि एक समय जब हिटलर के अत्याचारों से तंग आकर पोलैंड के बहुत-से लोग पोलैंड छोड़कर भारत के नवांनगर शहरमें आ गए थे। 
 
तब सहारा थे और ऐसे कठिन समय में नवांनगर के महाराजा, जाम साहिब दिग्विजय सिंह ने उन्हें आश्रय प्रदान किया। इसके लिए उन्होंने भारत के प्रति अपनी और अपने देश की ओर से कृतज्ञता जाहिर की। इस अवसर पर पोलैंड के सार्वजनिक एवं आर्थिक कूटनीति, विदेश मंत्रालय की सचिव, सुश्री कैटर जिनाकैसे परसी तथा पोलैंड के संस्कृति एवं विरासत मंत्रालय की माननीया सचिव, सुश्री मलगोर्जाटाओमीलेनोव्स्की, आईटीपीओ की अध्यक्ष सह प्रबंधन निदेशक, सुश्री रीता मेनन, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के शिक्षा विभाग के सचिव अशोक ठाकुर तथा प्रसिद्ध बाल साहित्यकार, रस्किन बॉन्ड उपस्थित थे ।
 
प्रकाशकों में उत्साह:  9 दिवसीय वल्र्ड बुक फेयर के लिए प्रकाशन संस्थाएं अपनी पुस्तकें लोगों को दिखाने के लिए आत्याधिक उत्साहित हैं, क्योंकि उन्हें दर्शकों के बीच अपनी पुस्तकों को रुबरु कराने का मौका मिलेगा। डिस्टेंस एजूकेशन में महारथ हासिल कर चुके गुल्ली बाबा पब्लिशिंग भी इस वर्ष अपनी पुस्तक प्रगति मैदान के हॉल न. 18 के स्टॉल न. 64 में दिखाने के लिए काफी उत्साहित हैं।

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