आदमखोर बाघिन को मारकर क्षेत्र की जनता को राहत दिलाएंगे: मुहम्मद गाजी

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Monday, February 17, 2014-1:33 PM

बिजनौर: आदमखोर बाघिन उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में आतंक का पर्याय बन चुकी है। लगभग दो माह से गांव में आतंक के साथ-साथ 10 लोंगों को अपना निवाला बना चुकी बाघिन को मारने का बीड़ा बढ़ापुर के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक मुहम्मद गाजी ने उठाया है। घोड़े पर सवार होकर निकले मुहम्मद गाजी ने कहा है कि आदमखोर बाघिन को मारकर वह क्षेत्रवासियों को बाघिन के इस आतंक से मुक्ति दिलाएंगे।

उन्होने कहा है कि हमारे पास न तो बाघिन का शिकार करने लायक हथियार है, और न ही दल में प्रशिक्षित आदमी। इसके बावजूद हमारी कोशिश रहेगी की हम आदमखोर बाघिन को मारकर इस आतंक को खत्म करें। मुरादाबाद मंडल व उत्तराखंड के आसपास के इलाकों से 10 लोंगो को अपना निवाले बना चुकी बाघिन को मारने के लिए  प्रशिक्षित शिकारी भी मैदान में शिकार करने के लिए उतारे गये हैं। कानून की परवाह न करते हुए बसपा विधायक आदमखोर की तलाश में साहूवाला रेंज की तरफ निकल पड़े।

विधायक मुहम्मद गाजी ने प्रशासन से बाघिन को मारने की अनुमति भी नहीं ली है। गाजी अपने 312 व 315 बोर की रायफल और बंदूक के सहारे वे आदमखोर के शिकार का दावा कर रहे हैं। आदमखोर बाघों  का शिकार करने में माहिर हैदराबाद के नवाब शफाहत खान का कहना है कि घोड़ो पर बैठकर बाघिन का शिकार नही किया जा सकता है।

आदमखोर बाघिन को मारने के लिए 450 मैग्नम रायफल की जरूरत होती है। विधायक मुहम्मद गाजी का कहना है कि मुझे इस काम के लिए रोक नहीं सकता है। अपने क्षेत्रवासियों की हिफाजत करना हमारा कर्तव्य है। नजीबाबाद डीएफओ पीके राघव ने भी बाघिन को मारने के लिए प्रशासन की अनुमति को अनिवार्य बताया है। जिससे किसी भी प्रकार की कानूनी उल्लंघना ले बचा जा सके।

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