...जब बीच भाषण में अपनी बात पर अड़े चिदम्बरम

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Monday, February 17, 2014-3:29 PM

नई दिल्ली: लोकसभा में जैसा नजारा आज था, वैसा शायद ही पहले कभी देखने को मिला हो। वित्त मंत्री पी चिदम्बरम अंतरिम आम बजट पेश कर रहे थे और उधर उनकी ही अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सदस्य आसन के समक्ष नारेबाजी कर बजट पेश किए जाने में व्यवधान पैदा कर रहे थे। तेलंगाना मुद्दे पर भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच चिदम्बरम ने संप्रग दो सरकार का अंतिम और वर्ष 2014-15 का अंतरिम आम बजट पेश किया। लेकिन बजट भाषण के शुरूआत के थोड़ी ही देर बाद वित्त मंत्री इस बात पर अड़ गए कि जब तक हंगामा और नारेबाजी नहीं थमेगी, वह बजट भाषण आगे नहीं पढ़ेंगे।

 

सदन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं एवं सदस्यों की मौजूदगी के बीच तेलंगाना मुद्दे पर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के ही सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए। आसन के समक्ष आने वाले कांग्रेसी सदस्यों में कुछ केंद्रीय मंत्री डी पुरंदेश्वरी, आर एस राव, चिरंजीवी और पल्लम राजू भी थे।

 

केंद्रीय मंत्री शांतिपूर्वक खड़े होकर अपना विरोध जता रहे थे तो वहीं पार्टी सदस्य बापी राजू कानूमुरी और जी वी हर्ष कुमार आसन के समक्ष ‘‘आंध्र प्रदेश बचाओ’’ के बैनर लिए खड़े हो गए। अन्नाद्रमुक सदस्य भी किसी मुद्दे को लेकर आसन के समक्ष आकर नारेबाजी कर रहे थे और माकपा सदस्य बासुदेव आचार्य की अगुवाई में वाम सदस्य भी कोई मुद्दा उठा रहे थे। सपा के शैलेन्द्र कुमार भी कुछ कहना चाहते थे। उनकी अगुवाई में उनकी पार्टी के सदस्य आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे थे।

 

चिदम्बरम ने शोरशराबा जारी रहने पर अपना बजट भाषण बीच में ही रोक दिया और वह कमलनाथ से कहते सुने गए, ‘‘ सॉरी , मैं इस तरह से भाषण नहीं कर सकता।’’ इस पर कमलनाथ और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि भाषण जारी रखिए, आपकी बात साफ सुनाई दे रही है। अध्यक्ष मीरा कुमार ने सख्ती के साथ नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपने स्थानों पर जाने को कहा। मीरा कुमार ने कहा कि सत्र के कुछ ही दिन बचे हैं और यह अंतिम सत्र है।

 

वित्त मंत्री बजट पेश करने के अपने संवैधानिक उत्तरादायित्व का निर्वाह कर रहे हैं और उनके कार्य में बाधा न पहुंचाएं। उन्होंने सदस्यों से कहा कि अगर सदस्यों को कुछ कहना है तो वे बाद में उनके चैम्बर में आ सकते हैं। इसके बाद सपा सदस्य अपने स्थानों पर चले गए। लेकिन कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और सोनिया गांधी ने भी नारेबाजी कर रहे सदस्यों से पीछे आने को कहा लेकिन बात नहीं बनी।

 

अध्यक्ष की अपील पर वाम सदस्य अपने स्थानों पर चले गए लेकिन कांग्रेस के हर्ष कुमार आसन के पास अकेले खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। इस पर खिन्न दिख रहे चिदम्बरम ने कहा कि क्या केवल एक व्यक्ति सदन को ठप कर देगा। कुछ समय बाद स्थिति थोड़ा शांत होने पर चिदम्बरम ने अपना भाषण आगे शुरू किया और उनका भाषण करीब 50 मिनट चला। चिदम्बरम के पूरे बजट भाषण में सेनाकर्मियों के संबंध में ‘‘वन रैंक , वन पेंशन’’ का जिक्र किए जाने पर सदन में सर्वाधिक तालियां बजीं। और कई मंत्रियों की नजरें पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ओर शुक्रिया अदा करने के अंदाज में उठीं। समझा जाता है कि राहुल गांधी वन रैंक वन पेंशन मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए पिछले काफी समय से प्रयासरत थे।


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