राजीव गांधी हत्‍याकांड में SC ने तीन की फांसी की सजा उम्र कैद में बदली

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Tuesday, February 18, 2014-1:12 PM

नई दिल्ली: राजीव गांधी हत्या मामले में तीनों मुजरिम को बड़ी राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने केंद्र की तरफ से दया याचिका पर विचार कि ए जाने के फैसले में 11 वर्ष की देरी के आधार पर आज उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
    
मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र की इस दलील को खारिज कर दिया कि उनकी दया याचिका पर फैसला करने में अनुचित विलंब नहीं हुआ है और फांसी की सजा का इंतजार कर रहे बंदी पीड़ा से नहीं गुजरे हैं।
    
इस खंडपीठ में न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के सिंह भी हैं। पीठ ने कहा कि वे केंद्र के दृष्टिकोण को नहीं स्वीकार सकते और मुजरिमों- संतन, मुरूगन और पेरारिवलन की मौत की सजा उम्रकैद में बदली जाती है और अगर सरकार उनकी सजा में कोई अतिरिक्त कटौती करती है तो वह स्वीकार्य होगी।
    
उन्होंने केंद्र से समय से राष्ट्रपति को परामर्श देने को कहा जिससे कि बिना अनुचित देरी के दया याचिकाओं पर फैसला किया जा सके।


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