राजीव गांधी हत्‍याकांड: आतंकवाद पर नरम नहीं होना चाहिए: पीएम

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Thursday, February 20, 2014-8:22 PM

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या को भारत की आत्मा पर आघात करार देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई न्याय के सभी सिद्धांतों के विरद्ध होगी और तमिलनाडु सरकार से इस दिशा में आगे नहीं बढऩे को कहा गया है क्योंकि यह कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा।

प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि किसी भी सरकार या पार्टी को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नरम नहीं पडऩा चाहिए। प्रधानमंत्री तमिलनाडु की अन्नाद्रमुक सरकार के फैसले का हवाला दे रहे थे जिसने उच्चतम न्यायालय के राजीव गांधी हत्या मामले में मौत की सजा प्राप्त तीन दोषियों की सजा को उम्र कैद में बदलने के फैसले के बाद कल इस मामले में सभी सात दोषियों को रिहा करने का फैसला किया था। 

सरकार के उच्चतम न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करने के बाद मनमोहन ने अपने बयान में कहा, ‘‘ राजीव गांधी की हत्या भारत की आत्मा पर आघात थी।’’  उन्होंने कहा, ‘‘ पूर्व प्रधानमंत्री और हमारे महान नेता एवं कई निर्दोष भारतीयों के हत्यारों को रिहा करना न्याय के सभी सिद्धांतों के विरद्ध होगा।’’ मनमोहन ने कहा कि केंद्र ने तमिलनाडु सरकार को सूचित कर दिया है कि राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई की प्रस्तावित प्रक्रिया कानूनी रूप से मान्य नहीं होगी और उन्हें इस पर आगे नहीं बढऩा चाहिए।’’

तमिलनाडु सरकार ने पिछले 23 वर्ष से जेल में बंद राजीव गांधी हत्याकांड मामले के सभी सात दोषियों को तीन दिन में रिहा करने का कल फैसला किया था।  उच्चतम न्यायालय ने इससे एक दिन पहले ही उनमें से तीन दोषियों संतन, मुरगन और पेरारिवलन की मौत की सजा को घटा कर उम्रकैद में बदलने का आदेश दिया था। इन तीनों के अलावा इस मामले में विभिन्न जेलों मेंं बंद अन्य दोषियों नलिनी, रोबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन को भी रिहा किया जाएगा। भारत के प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजीव गांधी हत्या मामले में केंद्र की तरफ से दया याचिका पर विचार किये जाने के फैसले में 11 वर्ष की देरी के आधार पर तीन दोषियों की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि रिहाई का जयललिता का फैसला गलत है। हमारी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं है। केंद्र सरकार कानूनी कदम उठाएगी।

उधर, कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी याचिका पर जल्द सुनवाई करेगा। निराशाजनक बात है कि पार्टियां आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही है। मैं मोदी से पूछना चाहता हूं कि वो इस पर चुप क्यों हैं।

जनता दल यूनाइटेड नेता केसी त्यागी ने कहा कि चाहे अफजल गुरू को फांसी देना का मामला हो या फिर राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने की बात, दोनों ही फैसला वोट बैंक की राजनीति से जुड़ा है।

गृहराज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा, 'राजीव गांधी हत्याकांड मामले पर राजनीति हो रही है जो बेहद ही दुर्भाग्यपूर्म है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। मामले पर जल्द ही सुनवाई होगी।' 


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