मेंटिनेंस के अभाव में आग के मुहाने पर खड़ीं डीटीसी बसें

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Friday, February 21, 2014-12:37 AM
नई दिल्ली(वसीम सैफी): सर्दी के मौसम में भी डीटीसी की लॉ फ्लोर बसों में आग लगने की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है। बसों में आग लगने का कोई एक कारण नहीं, लेकिन  मुख्य कारण सिर्फ डीटीसी की लॉ-फ्लोर बसों का सही से मेंटिनेंस नही हो पाना बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बसों की मेंटिनेंस का जिम्मा प्राईवेट कंपनियां  के पास है।
 
लेकिन वह डीटीसी के अधिकारियों से सांठ-गांठ कर बसों की उचित मरम्मत नहीं करती। नतीजा जब बस सड़क पर आती है तो मेंटिनेंस के अभाव में आग लग जाती है।डीटीसी बस के चालकों व परिचालक की माने तो बसों में आग लगने का मुख्य कारण बसों का सही से मेंटिनेंस नहीं हो पाना है।
 
उनकी माने तो डिपों में प्राईवेट कंपनियां बसों की सही से मेंटिनेंस नहीं करतीं। इतना ही नहीं बसों के डिपों से बाहर निकलने से पहले भी उनकी सही से जांच नहीं की जाती। बसों में कूलेंट भी समय पर नहीं बदला जाता और न ही बसों में पानी व कूलेंट की सही मात्रा की जांच की जाती है। जिसका नतीजा यह होता है कि बसों में इंजन ऑवर हीट हो जाता है। बस की बॉडी फायबर की होने के चलते बस जल्दी आग पकड़ लेती है। डीटीसी सूत्रों की माने तो लो-फ्लोर बसों में मेंटिनेंस का जिम्मा प्राईवेट कंपनियों के पास है।
 
लेकिन डीपों में अधिकारियों से सांठ-गांठ के चलते बसों की उचित मेंटिनेंस नहीं होती और अधिकारी उन्हें ओके रिपॉर्ट देकर डीपों से बाहर निकाल देतें हैं। हादसा होने पर इसका खामियाजा सिर्फ चालक व परिचाल को उठाना पड़ता है। हुयुंडाई कंपनी में मकैनिकल इंजीनियर गुलफाम का कहना है कि सीएनजी चालित वाहनों में आग सीएनजी के चलते नहीं लगती। क्योंकि सीएनजी में एलपीजी व पैट्रोल के मुकालबले आग पकडऩे की छमता बेहद कम होती है। सीएनजी के वाहनों में आग खराब वायरिंग और मेंटिनेंस के अभाव में इंजन के ऑवर हीट के चलते लगती है। डीटीसी की बसों की बॉडी फायबर की होने के चलते उनमें जल्दी आग लग जाती है।
 
यहां बता दें कि मंगलवार देर रात भी खजूरी चौक के पास यात्रियों से खचाखच भरी डीटीसी की लॉ-फलोर बस में आग लग गई थी। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।डीटीसी प्रवक्ता आर.एस. मिन्हास ने डीटीसी की लॉ-फ्लोर एसी व नॉन एसी बसों में मेंटिनेंस का अभाव होने की बात से साफ इन्कार किया है।
 
उनका कहना है कि डीटीसी की बसें प्रति दिन उचित जांच के बाद ही डीपों से बाहर निकाली जाती हैं। बसों में आग लगने के बाद हुई जांचों के आधार पर उन्होंने बताया कि आग लगने का मुख्य कारण खराब वॉयरिंग से शॉर्ट सर्किट, व इंजन ऑवर हीट होना सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि खजूरी के पास डीटीसी की लॉ-फ्लोर बस में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। बस लीलैंड कंपनी की थी। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कमेटी बैठा दी गई है।

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