बना फर्जी व्यवसायी, कार फाइनेंस करवाई, हो गया फरार

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Saturday, February 22, 2014-12:05 AM
नई दिल्ली(कुमार गजेन्द्र) : दिल्ली  के एक युवक को कार चलाना बेहद पसंद था। वह दोस्त और पड़ोसियों को कार चलाते देखता तो उसका दिल डोल उठता था। लेकिन उसकी हैसियत नहीं थी कि वह कार खरीद सके। कार खरीदने के लिए उसने एक योजना बनाई और वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर व्यवसायी बनने की। 
 
आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज एफआईआर नंबर 109 के मुताबिक रमेश चंद्र मोती बाग इलाके में रहता था। उसे अपने दोस्तों और पड़ोसियों को कार में घूमते देख, खुद भी कार खरीदने का मन होता था, लेकिन उसकी हैसियत नहीं थी कि कार खरीद सके। रमेश ने एक योजना बनाई, योजना थी अपने आपको व्यवसायी बनाने की। पुलिस के मुताबिक रमेश ने अपने भाई रोहित के साथ मिलकर ऐसे फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए, जिनमें वह व्यवसायी लगे। 
 
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने अपनी इंकमटैक्स की रिटर्न और अन्य दस्तावेज तैयार करवाए। इसके बाद दोनों भाईयों ने मोती बाग स्थित पंजाब नेशनल बैंक से संपर्क किया। बैंक की मैनेजर रेखा वर्मा का कहना है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के अलावा एक फर्जी गारंटर सुरेन्द्र शर्मा को भी बैंक के सामने पेश किया था। 
 
बैंक ने दस्तावेज और गारंटर को असली मानते हुए करीब सात लाख रुपए का लोन पास कर दिया। इसके बाद इसके बाद आरोपी ने हुंडई कंपनी की आई10 कार खरीद ली। लेकिन बैंक तब सर्तक हुआ जब आरोपियों ने लोन की किस्तें नहीं दीं। इसके बाद बैंक ने जब लोन लेने वालों की एक बार फिर से जांच कराई तो सभी लोग गायब मिले।
 
इसके बाद बैंक ने एक बार फिर आरोपियों द्वारा बैंक को दिए गए दस्तावेजों की जांच की तो सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। बैंक ने इस फर्जीवाड़े का पता चलते ही दिल्ली  पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को इस बात की सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरन्त एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने लंबी जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

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