बढ़ते वायु प्रदूषण से सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ीं

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Saturday, February 22, 2014-12:27 AM
नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर से सांस लेने संबंधी समस्याओं में इजाफा हुआ है। दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का स्तर 2.5 से 10 के बीच है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा माने गये सुरक्षित स्तर से ज्यादा है। 
 
एम्स के पल्मोनरी चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रोफेसर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि दिल्लीवासियों को सांस लेने की समस्या पैदा हो रही है जो पहले कभी नहीं होती थी। अब वे कहते हैं कि समस्या बढ़ रही है।  गुलेरिया ने कहा कि इस मौसम में सांस संबंधी रोगों की शिकायतों में करीब 15 से 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
 
दमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी रोग (सीओपीडी) जैसी लंबे समय तक परेशान करने वाली बीमारियों से ग्रस्त रोगी जब उच्च स्तर के वायु प्रदूषण के संपर्क में आते हैं तो उनकी खांसी और सांस संबंधी समस्या बढ़ जाती है और इनमें से अधिकतर को इमरजेंसी में आना पढ़ता है या इलाज का स्तर बढ़ाना पड़ता है। गुलेरिया ने कहा कि बच्चे और बुजुर्ग वायु प्रदूषण के लिहाज से अधिक संवेदनशील हैं।

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