द्वारका में पानी चोरी, बड़े मगरमच्छों तक नहीं पहुंचे पुलिस के हाथ

  • द्वारका में पानी चोरी, बड़े मगरमच्छों तक नहीं पहुंचे पुलिस के हाथ
You Are HereNcr
Tuesday, February 25, 2014-1:50 AM
नई दिल्ली (सतेन्द्र त्रिपाठी): द्वारका में बड़े पैमाने पर पानी चोरी मामले में पुलिस छोटी मछलियों को पकड़कर ही खानापूर्ति करती नजर आ रही है। इस मामले में 15 दिन बाद भी बड़े मगरमच्छों तक पुलिस के लंबे हाथ नहीं पहुंच पाए हैं।
 
उलटे ईमानदारी से काम करने वाले मामले के जांच अधिकारी का ही तबादला कर दिया गया है, हालांकि इसे रूटीन बताया जा रहा है। उलटे अब पुलिस में इस बात पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि उन्हें इस मामले में पडऩे की जरुरत ही क्या थी। इन मामलों से साफ हो रहा है कि पुलिस के हाथ तो पता नहीं लेकिन पानी माफिया के हाथ जरुर लंबे है। इतना ही नहीं इस मामले में लगभग दो साल से मुख्यमंत्री से लेकर आयुक्त तक को भेजी गई शिकायतों पर कार्रवाई न होना भी पानी माफिया की पकड़ को साबित कर रहा है। 
 
नवोदय टाइम्स ने 11 फरवरी को द्वारका सेक्टर-23 में डीडीए भूमि से पानी चोरी का मामला प्रकाशित किया था। इस मामले में दक्षिण- पश्चिम जिला पुलिस ने एक्शन लेते हुए आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। साथ ही छह टैंकर, एक बड़ा जेनरटर सहित बहुत सा सामान बरामद किया था।
 
उस वक्त पुलिस दावा था कि इस मामले में जल्द ही बड़े लोग गिरफ्तार हो सकते है। आखिर यह गोरखधंधा करने वाले छोटे कर्मचारी तो नहीं है। इसमें एसएचओ द्वारका पर भी उंगली उठी। उनके खिलाफ विभागीय जांच की भी अनुशंसा हुई। इस मामले में इंस्पैक्टर केएसएन सुबुद्धि बड़ी गंभीरता से जांच में जुटे हुए थे कि अचानक उनका तबादला कर दिया गया, जबकि तबादला रोका जा सकता था। कहीं तबादले के पीछे पानी माफिया तो नहीं है। 
 
इस मामले में बहुत से सवाल ऐसे हैं कि जिनकी जांच जरुरी है। आखिर यह गोरखधंधा करवा कौन रहा था। इस काम में लगे दर्जनों टैंकरों का मालिक कौन है। पुरानी शिकायतों पर कभी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस मामले में द्वारका स्थित गैर सरकारी संगठन एक संघर्ष ने दर्जनों शिकायतें भी की थी। 
यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You