हुर्रियत की हड़ताल के कारण जन-जीवन प्रभावित

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Friday, February 28, 2014-12:53 PM

श्रीनगर: कट्टपंथी हुर्रियत कांफ्रेंस द्वारा आहूत हड़ताल के कारण कश्मीर घाटी में आज जन-जीवन प्रभावित रहा। हुर्रियत ने कुपवाड़ा जिले में सेना के साथ मुठभेड़ में सात लोगों की मौत के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है।
 
अधिकारियों ने बताया कि यहां लाल चौक के आस पास दुकानें, व्यावसायिक संस्थान और पेट्रोल पंप बंद रहे जबकि सरकारी कार्यालय और बैंकों में भी बहुत कम संख्या में कर्मी दिखे। शीतकालीन अवकाश के कारण स्कूल बंद रहे। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे लेकिन निजी वाहन, टैक्सी और ऑटोरिक्शा का परिचालन सामान्य रहा।
 
अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए घाटी में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और सीआरपीएफ को तैनात किया गया है। हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने सेना के साथ मुठभेड़ में कुपवाड़ा में ‘‘सात लोगों की रहस्यमय हत्या’’ के विरोध में पूर्ण रूप से बंद और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। गिलानी ने मामले की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है।

लोलाब के दर्दपोरा जंगलों में सोमवार को सेना और पुलिस के साथ मुठभेड़ में सात अज्ञात उग्रवादी मारे गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि ये उग्रवादी विदेशी हैं। मुठभेड़ के बाद इलाके के लोगों ने मांग की थी कि उन्हें मृतकों के शव दिखाए जाएं ताकि वह यह जान सकें कि क्या मृत उग्रवादियों में कोई स्थानीय व्यक्ति है या नहीं। अधिकारियों ने कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

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