उत्तराखंड में खुलेगा अन्तरराष्ट्रीय ख्याति का शिल्प संस्थान: रावत

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Sunday, March 02, 2014-6:42 PM

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पहाडों में मौजूद बेशुमार लेकिन विलुप्त होती जा रही शिल्पकलाओं को पुनजीर्वित करने का बीड़ा उठाते हुए 100 करोड रूपये की शुरूआती निधि से एक अन्तरराष्ट्रीय ख्याति का संस्थान खोलने के प्रस्ताव मंजूरी दी है जिसका लक्ष्य प्रारंभिक दो वर्षों में ही दस हजार हुनरमंद विकसित करने का है। यहां भाषा से एक विशेष बातचीत में हाल ही में प्रदेश की बागडोर संभालने वाले मुख्यमंत्री रावत ने बताया कि उनकी प्राथमिकता छोटे-छोटे प्रयासों द्वारा स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर सृजित करने की है और इसी कड़ी में शिल्पकलाओं के पुनर्जीवन के लिए बागेश्वर जिले में उस स्थान पर संस्थान बनाया जाएगा जहां प्रसिद् शिल्पी हरिराम टम्टा का जन्म हुआ था।

पत्थरों को अनूठे ढग़ से आपस में जोड़ कर मकान बनाने की पहाड़ी शैली, पत्थर और काष्ठ पर नक्काशी, लकड़ी के बर्तन बनाने की कला जैसी पहाड़ो की अनगिनत शिल्पकलाओं का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, इन प्राचीन विधाओं को लोग आजकल छोड़ते जा रहे हैं। इन्हें पुनजीवित कर हम हुनरमंद पैदा कर सकते हैं। रावत ने कहा कि इस संस्थान के जरिए पहाड़ो के विलुप्त होते जा रहे ढोल तथा अन्य वाद्ययंत्रों को भी पुनजीर्वित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में स्थित इसी प्रकार की एक संस्था से प्रेरित होकर बनाए जाने वाले इस संस्थान को स्थापित करने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी और इसके लिये केंद्र से भी मदद मांगी जाएगी।

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