SC में पेशी के दौरान सुब्रत रॉय पर फेंकी स्याही, भेजे गए तिहाड़ जेल

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Tuesday, March 04, 2014-10:32 PM

लखनऊ: सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय अगली सुनवाई तक पुलिस कस्टडी में ही रहेंगे। कोर्ट ने बुधवार को अगली सुनवाई तक सुब्रत रॉय को पुलिस कस्टडी में भेज दिया। पेशी के दौरान कोर्ट ने सुब्रत रॉय से पूछा कि पैसे लौटाने का क्या ठोस फॉर्म्यूला है आपके पास? कोर्ट ने कहा कि जिस दिन आप प्लान बताएंगे उसी दिन सुनवाई होगी। इसके साथ कोर्ट ने सहारा के 2 और निदेशकों को भी पुलिस कस्टडी में भेज दिया। हालांकि पेशी के दौरान सुब्रत रॉय के वकील राम जेठमलानी ने कोर्ट से पैसे लौटाने के लिए 2 महीने का वक्त मांगा।

वहीं, सुब्रत रॉय ने कोर्ट में कहा कि हम अपनी संपत्ति बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाएंगे। रॉय ने कहा कि अगर कोर्ट का आदेश नहीं माना तो जो भी सजा मिलेगी, मुझे मंजूर होगा। इसके बाद न्यायाधीश ने सुब्रत व 2 अन्य निदेशकों को 11 मार्च तक के लिए तिहाड़ जेल भेजने के आदेश दिए, जबकि एक महिला निदेशक को फिलहाल छोड़ दिया। उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 5 मार्च की तारीख तय की।

वहीं ग्वालियर के एक व्यक्ति ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय को ‘‘चोर’’ कहते हुए उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी। राय को आज उच्चतम न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया था।  खुद को निवेशक बताने वाले इस युवक मनोज शर्मा ने राय का इंतजार किया। अपने परंपरागत लिबास वेस्ट कोट और टाई पहने राय ने जैसे ही पुलिस काफिले की एक कार से कदम बाहर रखा युवक ने उनके चेहरे पर काली स्याही मल दी। राय को निकटवर्ती नोएडा से दोपहर बाद यहां लाया गया था।  ‘‘सहारा चोर है’’ चिल्लाते हुए शर्मा ने काली स्याही की बोतल उनपर उड़ेल दी। कुछ वकीलों ने शर्मा को धर लिया और उसे पीटा। ये वकील वहां सुब्रत सहारा को लाए जाने के घटनाक्रम में जमा हो गए थे। शर्मा को बाद में तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। 

राय को दूसरे गेट से अदालत परिसर में लाने के सुरक्षा बलों के प्रयास का कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि पुलिस के वाहन राय को लेकर जैसे ही अदालत के उस गेट तक पहुंचे इंतजार में खड़े फोटो पत्रकार वहां जमा हो गए।  शर्मा ने ऐसा पहली बार नहीं किया है। इससे पहले वह कांग्रेस के सांसद सुरेश कलमाडी को अदालत लाए जाने के दौरान उनपर जूता फेंक चुका हैं। राय पर स्याही फेंकने के दौरान शर्मा ने अपनी कमीज उतार ली और चिल्लाया, ‘‘ये चोर है।

इसने लोगों का पैसा चुराया है और मैं चोरों के खिलाफ हूं।’’ उत्तर प्रदेश सुरक्षा बलों ने सहारा प्रमुख को 2 बजे न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और जे एस खेहर की अदालत में पेश करने के लिए गेट पास हासिल किए।  अदालत परिसर के भीतर राय के सुगम प्रवेश के लिए सुरक्षा कर्मियों ने एक बजे के आसपास दो प्रवेश द्वार में से एक को बंद कर दिया था।  पीठ ने इससे पूर्व राय के हाजिर न होने पर गंभीर रूख अपनाते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर आज 2 बजे पेश करने का आदेश दिया था।  

गिरफ्तारी वारंट वापस लेने की आखरी कोशिश काम नहीं आई और अदालत ने राय की इस आश्य की याचिका को नामंजूर कर दिया।  राय की दो कंपनियों द्वारा निवेशकों के 20,000 करोड़ रूपए नहीं लौटाने के सिलसिले में दाखिल मामले में शीर्ष अदालत के सामने पेश होने में असफल रहने के कारण उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।  उन्हें 1 मार्च को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद लखनउ में गिरफ्तार किया गया।

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