मायावती से मुकाबले को तैयार हूं: उदित राज

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Tuesday, March 04, 2014-6:53 PM

नई दिल्ली: हाल ही में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में शामिल हुए दलित नेता उदित राज ने कहा है कि यदि पार्टी चाहेगी तो वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती का लोकसभा चुनाव में मुकाबला करने को तैयार हैं। उदित राज ने आज यहां पार्टी की नियमित  ब्रीफिंग में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि उनके लोकसभा चुनाव लडऩे या न लडऩे और कहां से लडऩे का निर्णय पार्टी को लेना है। यदि पार्टी चाहेगी तो वह मायावती से मुकाबले को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें संसाधन मुहैया कराये जाते हैं तो वह दलित समाज को
भाजपा के पक्ष में लामबंद कर देंगे।   

उन्होंने कहा कि भाजपा के बारे में दलितों के मन में जिस तरह की धारणा बैठाई जाती है वह गलत है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में शामिल होने के एक सप्ताह बाद इस मिथक को दूर करने के लिए प्रेस से मुखातिब हुए हैं। उन्होंने कहा कि बसपा जैसे दलों और अन्य के द्वारा यह दुष्प्रचार फैलाया जाता है कि भाजपा दलित विरोधी है। यह केवल दुष्प्रचार के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा ऐसी पार्टी है जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उदित राज ने कहा कि भाजपा गठबंधन सरकार ने सत्ता में रहते हुए दलित कल्याण के जो काम किये थे वह अब नहीं हुए हैं।

मायावती को कठघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी नीतियों के कारण दलित समाज को लाभ कम और नुकसान ज्यादा हुआ है। अब सामाजिक आडिट कराने का समय आ गया है कि किस दल ने दलितों के लिए क्या काम किया है। उन्होंने कहा कि मायावती के शासन में रहते हुए ही पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान छीन लिया गया और वह कुछ नहीं कर पाईं। उनके कारण ही इससे जुड़ा संशोधन विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं हो सका। भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य उदित राज ने कहा कि जब बसपा का उदय हुआ उसी समय देश में आर्थिक उदारीकरण और निजीकरण के बीज बोये जा रहे थे।

नई आर्थिक नीति के कारणनौकरियों के साथ साथ आरक्षण पर भी गाज गिरी। दलित समाज के क्षेत्रीय दलों से जुडे रहने के कारण बड़ी पार्टियां उनके प्रति तटस्थ हो गर्इं जिसका खामियाजा दलित समाज को भुगतना पड़ा।

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