UP: ‘हर हर मोदी’ पर फंसी भाजपा!

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Sunday, March 23, 2014-7:41 PM

वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा दिया गया ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’ का नारा देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में भाजपा और मोदी के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। शंकराचार्य से लेकर स्थानीय जनता और राजनीतिज्ञों ने इस पर सख्त नाराजगी जताई है।

वैसे भी कुरुक्षेत्र में तब्दील हो चुकी काशी में हर कोई मुद्दे की ताक में है, और ऐसे में भाजपा ने अपने विरोधियों को बैठे-बिठाए मुद्दा दे दिया है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा ने वाराणसी (काशी) लोकसभा सीट से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना उम्मीदवार बनाया है। मोदी अपनी उम्मीदवारी से पहले 20 दिसंबर को वाराणसी में रैली को संबोधित करने आए थे। उसके पहले उन्होंने आगरा में रैली को संबोधित किया था और वहीं पर भाजपा ने ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’ का नारा दिया था।

मोदी की वाराणसी से उम्मीदवारी घोषित होने के बाद से इस नारे ने और जोर पकड़ लिया, और बात यहीं आकर फंस गई। अब यह नारा नया तूल पकड़ता जा रहा है।

नारे का विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि काशी में बाबा विश्वनाथ सम्मान में ‘हर हर महादेव’ का नारा लगता है। इस नारे में छेड़छाड़ बाबा विश्वनाथ का अपमान है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

‘हर हर मोदी’ पर सख्त आपत्ति जताते हुए द्वारका पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मध्य प्रदेश में एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि ‘हर हर महादेव’ की तरह ‘हर हर मोदी’ का नारा दिया जाना सनातन परंपरा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि महादेव भगवान हैं और मोदी इंसान। इस तरह इंसान को भगवान के बराबर प्रचारित किया जा रहा है। यह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि वह मोदी के विरोधी नहीं है, मगर नारा हिंदू मान्यता व आस्था के खिलाफ है। शंकराचार्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को भी अपनी नाराजगी से अवगत करा दिया है।

लेकिन यहीं पर काशी-सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने आईएएनएस से कहा कि ‘हर हर महादेव’ और ‘हर हर मोदी’ को लेकर पिछले दो दिनों से अचानक बहस का दौर चला है, जो बहुत उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि आम चुनाव के दौरान मुद्दा बिजली, पानी, सड़क और काशी की दुर्दशा होनी चाहिए, लेकिन जनता को इस नारे में उलझाया जा रहा है, ताकि मुख्य मुद्दे गौण हो जाएं।

काशी पीठाधीश्वर कहते हैं, ‘‘वेदांत में कहा गया है कि सर्वम खलीदम ब्रह्म यानी सम्पूर्ण सृष्टि ही ब्रह्ममय है। जब पूरी सृष्टि में ही ब्रह्म का अंश विद्यमान है तो कोई भी व्यक्ति इस सृष्टि से तो अलग है नहीं।’’

लेकिन विरोधी नरेंद्रानंद सरस्वती से सहमत नहीं हैं। वे भाजपा पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि ‘हर हर महादेव’ की जगह ‘हर हर मोदी’ का जाप बनारस की जनता और बाबा विश्वनाथ का अपमान है।

कांग्रेस के स्थानीय विधायक अजय राय कहते हैं, ‘‘बनारस में हर हर शब्द का इस्तेमाल केवल महादेव और गंगा के लिए होता है। या फिर काशी नरेश की सवारी निकलती है तो हाथ उठाकर सम्मान स्वरूप जनता हर हर महादेव का उद्घोष करती है। भाजपा को महादेव के अपमान का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।’’

स्थानीय कारोबारी हरीश सिंह का कहना है कि काशी में पहली बार हर हर महादेव के नारे के साथ छेड़छाड़ किया गया है, जो किसी भी रूप में उचित नहीं है और यह बाबा विश्वनाथ का अपमान है, जिसे यहां के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाजपा को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि ‘हर हर मोदी-घर घर मोदी’ नारे के इस्तेमाल से महादेव का अपमान नहीं होता है। मुद्दाहीन विरोधी बस इसे औजार बना रहे हैं।

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