कांग्रेस को वाराणसी में ‘पवित्र गंगा’ से मिल सकता है फायदा !

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Monday, March 31, 2014-1:20 AM

संतों की राय में दिग्विजय ही हो सकते हैं उम्मीदवार
नई दिल्ली (विशेष): आम चुनावों के सन्निकट आते ही कांग्रेस वाराणसी में मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी के अभियान का यह पवित्र शहर केन्द्र बिन्दु बना हुआ है। दूसरी तरफ कांग्रेस को भगवा पार्टी के प्रभाव वाले इस शहर में कुछ साधुओं का समर्थन प्राप्त है। मंदिरों के इस शहर में कांग्रेस के करीबी संतों के एक वर्ग ने पार्टी का समर्थन करने के लिए ‘गंगा दल’ का गठन किया है। इन संतों ने कहा है कि गंगा नदी को साफ और चौड़ा करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाएंगे।

केदार घाट में विद्या मठ के महंत स्वामी अविमुक्तेश्वर नंद सरस्वती के कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह के साथ संबंध किसी से छिपे हुए नहीं हैं। उन्होंने गत दिवस घोषणा की कि उनका ग्रुप कांग्रेस का समर्थन करेगा क्योंकि इसने पवित्र नदी की गरिमा को बहाल करने में रुचि दिखाई है। यद्यपि कांग्रेस ने वाराणसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से अभी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया। संतों का फैसला स्पष्ट संकेत है। अफवाह है कि कांग्रेस दिग्विजय को वाराणसी से चुनाव मैदान में उतार सकती है।

स्वामी अविमुक्तेश्वर नंद ने समान विचारों के संतों के इकट्ठ को संबोधित करते हुए कहा कि हम उस राजनीतिक पार्टी का समर्थन करेंगे जो गंगा की सफाई को शीघ्र साफ करना यकीनी बनाएगी। गंगा दल अपने फैसले और रणनीति की घोषणा 31 मार्च को करेगा। उन्होंने संतों को स्मरण करवाया कि कांग्रेस नीत यू.पी.ए. सरकार ने 2008 में गंगा को राष्ट्रीय नदी के रूप में घोषित किया था। वाराणसी में मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी 25 मार्च को वाराणसी के अपने दौरे के दौरान पवित्र नदी में डुबकी लगाई थी और नदी के दूषित होने पर चिंता व्यक्त की थी।

स्वामी अविमुक्तेश्वर नंद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य हैं जो नेहरू-गांधी परिवार के करीबी समझे जाते हैं। इससे पूर्व शंकराचार्य ने भाजपा के ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे’ का विरोध किया था। उन्होंने मांग की थी कि भाजपा इस नारे को वापस ले। स्वरूपानंद ने जनवरी में भोपाल के एक पत्रकार को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी की चुनावी संभावनाओं बारे प्रश्र पूछने पर थप्पड़ लगाया था। उनका दिग्विजय के प्रति आकर्षण सब जानते हैं।

संतों के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि हम संतों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह उस पार्टी को हीसमर्थन देंगे जो वास्तव में गंगा की सफाई के लिए काम कर रही है। भाजपा नेता उमा भारती पहले ही गंगा नदी को बचाने के लिए अभियान शुरू किए हुए है। मोदी ने भी कहा है कि वह गंगा की गरिमा को बहाल करने के लिए काम करेंगे।

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