मुसलमानों को न समझें अपना वोट बैंक : मुफ्ती मोहम्मद मुकर्रम

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Thursday, April 03, 2014-12:41 PM
नई दिल्ली(अशोक शर्मा): चुनाव में वादे तो सभी करते हैं लेकिन जीतने के बाद सब भूल जाते हैं। मैं तो यही चाहता हूं कि इस बार चांदनी चौक सीट से ही नहीं बल्कि दिल्ली से उन प्रत्याशियों को जिताना चाहिए जो धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखता हो और इलाके के लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकें। आम जनता को ऐसे ही लोगों को समर्थन देकर उनकी मदद करनी चाहिए।
 
नवोदय टाइम्स के साथ हुई खास बातचीत में दिल्ली की ऐतिहासिक फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मुकर्रम ने बुधवार को यह बात कही। लोकसभा चुनाव के दौरान बदलती सियासी तस्वीर पर अपनी राय व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब जनता काफी समझदार हो गई है। वह अपने भले-बुरे को बेहतर तरीके से समझती है। कहने का मतलब जो लोग अब तक मुसलमानों को अपना वोट बैंक समझते थे, उन नेताओं को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। 
 
शाही इमाम को इस बात का दु:ख है कि केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल पिछले 10 साल से केंद्र की राजनीति में हैं लेकिन उन्होंने इलाके के मुसलमानों की भलाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यहां तक गत चुनाव में उन्होंने बटला हाऊस एकाऊंटर की जांच करवाने और चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण की बात कही थी लेकिन कुछ नहीं किया।  
 
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुकर्रम का कहना है कि आज का मतदाता काफी समझदार हो गया है। अब उसके ऊपर भाषण का कोई खास असर नहीं पड़ता। बातचीत के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि आप पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने से दिल्ली की चांदनी चौक ही नहीं बल्कि कई अन्य सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं के रूख में बदलाव नजर आ रहा है। जनता ने जिन्हें अभी तक सही तरीके से आजमाया नहीं है, उन्हें भी एक बार मौका देकर देखा जाना चाहिए। 
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