माइग्रेटरी बर्ड्स से चंडीगढ़ को इस साल नहीं कोई खतरा

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Wednesday, November 16, 2016-9:12 AM

चंडीगढ़ (विजय) : 2 साल पहले 2014 के दौरान सर्दियों की शुरूआत में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया था। वहीं इस साल चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने चैन की सांस ली है, क्योंकि जिन माइग्रेटरी बर्ड्स को बर्ड फ्लू का कैरियर माना जाता है उनकी रिपोर्ट आ चुकी है जो नैगेटिव आई है। यानि इस साल चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है। 9 नवंबर को एनिमल एंड हजबैंड्री डिपार्टमैंट की तरफ से सुखना लेक में माइग्रेटरी बर्ड्स के फिकल सैंपल एकत्रित कर रीजनल डिजीज डार्यनोस्टिक लैबोरेटरी जालंधर भेजे गए थे। 

 

रिपोर्ट का अधिकारियों को काफी दिन से इंतजार था। मंगलवार को अधिकारियों ने कॉल पर ही जानकारी ली, जिसमें बताया गया कि फिकल रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के कोई वायरस नहीं पाए गए हैं। साथ ही सुखना लेक के पानी और शहर के आसपास के पोल्ट्री फॉर्म से जो सैंपल एकत्रित किए गए थे उनकी रिपोर्ट भी नैगेटिव आई है। ऐसे में इस साल अभी तक चंडीगढ़ में आने वाले सैंकड़ों माइग्रेटरी बर्ड्स से चंडीगढ़ को कोई खतरा नहीं है।

 

मरे बर्ड की रिपोर्ट भी नैगेटिव
सुखना लेक में 9 नवम्बर को ही एक डोमैस्टिक बर्ड मरा मिला था। इस पर तब डिपार्टमैंट की टीम की नजर पड़ी जब माइग्रेटरी बर्ड्स की सैंपलिंग की जा रही थी। इसकी रिपोर्ट भी जालंधर लैबोरेटरी से आ गई है जिसमें बर्ड फ्लू का कोई अंदेशा जताया नहीं गया है। हालांकि इसके बाद भी कर्मचारियों ने सुखना लेक में रोजाना सर्विलैंस जारी रखी। मगर कोई भी डोमैस्टिक बर्ड के मरने की सूचना नहीं मिली।

 

अब 25 नवम्बर को लिए जाएंगे सैंपल
चंडीगढ़ में विदेशों से माइग्रेटरी बर्ड्स के आने का सिलसिला जारी है। ऐसेे में डिपार्टमैंट ने भी फैसला लिया है कि 10 दिन के बाद फिर माइग्रेटरी बर्ड्स के सैंपल लिए जाएंगे। दरअसल मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस के मुताबिक ऐसे सैंपल निरंतर अंतराल पर लेने चाहिए, जिससे किसी भी तरह के वायरस या बीमारी की जानकारी पहले ही मिल सके। 
 


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