चीन की हर हरकत पर ऐसे नजर रख रहा भारत

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Wednesday, July 26, 2017-1:09 PM

नई दिल्ली (रंजीत कुमार): राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दो दिनों में पेइचिंग पहुंचने के पहले चीन के बढ़ते आक्रामक तेवर के बीच भारतीय सेना ने भी किसी भी अनहोनी से मुकाबला करने की तैयारी तेज कर दी है। यहां रक्षा सूत्रों का कहना है कि भूटान और चीन के बीच सिक्किम से लगे विवादास्पद डोकलाम इलाके में तैनात भारतीय सेना को पीछे हटने के लिए चीन की ओर से रोजाना दी जा रही धमकियों के बीच भारतीय सेना भी चुप नहीं बैठी है और चीन के किसी दुस्साहस का मुकाबला करने के लिए सैन्य तैयारी में जुटी है।

उपग्रहों से रखी जा रही नजर
यहां रक्षा सूत्रों का कहना है कि डोकलाम के पीछे के तिब्बत के इलाके में चीनी सैन्य जमावड़े पर उपग्रहों से बारीक नजर रखी जा रही है और किसी भी असामान्य हलचल की तस्वीरेंं मिलते ही भारतीय सेना अपनी पोजीशन संभालने की स्थिति में होगी। सूत्रों ने कहा कि डोकलाम के पीछे के इलाके में नए बंकर बनाए जा रहे हैं और रात के वक्त ही तोपों और मशीनगनों के अलावा अन्य सहायक हथियार भेजे जा रहे हैं। भारतीय सेना की करीब एक ब्रिगेड पीछे के इलाके में तैनात हो चुकी है। इसके साथ ही भारतीय सेना उन हालात की भी तैयारी कर रही है जब चीनी सेना के साथ मामूली झड़प कोई बड़ी लडा़ई में तब्दील होने लगे तो भारतीय सेना को क्या करना होगा। इसके लिए पीछे के इलाके में 290 किलोमीटर दूर तक अचूक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें पहले से ही तैनात हो चुकी हैं।

बिछाई गईं बारूदी सुरंगें
यहां विश्वस्त सैन्य सूत्रों ने बताया कि डोकलाम के पीछे और आसपास भारतीय भू-भाग में चीनी सेना को घुसने से रोकने के लिए पूरे इलाके में बारूदी सुरंगें बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। चीनी मीडिया और चीनी सेना की धमकियों पर भले ही भारत सरकार मौन बरत कर संयम दिखा रही है लेकिन भारतीय सेना चीनी मीडिया की इन रिपोर्टों को गंभीरता से ले रही है कि डोकलाम से भारतीय सेना को पीछे धकेलने के लिए तिब्बत के इलाके में तोपों और टैंकों से युद्धाभ्यास कर रही है।

हालांकि यहां भारतीय सैन्य अधिकारी चीन की इन मीडिया रिपोर्टों पर यही बता रहे हैं कि ये भारत के खिलाफ किसी युद्ध की वास्तविक तैयारी नहीं बल्कि भारत के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध की रणनीति है लेकिन यहां सूत्रों का कहना है कि चीनी जन मुक्ति सेना (पीएलए) के आक्रामक रवैये को देखते हुए भारतीय सेना चीनी सेना को अचानक हमला कर रणनीतिक लाभ हासिल करने की स्थिति में नहीं होने देगी। सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना हालांकि डोकलाम में चीनी सेना के सामने गैर लड़ाकू तेवर में ही तैनात है लेकिन चीनी सेना यदि अपनी धमकियों पर अमल करने के लिए  अचानक कोई सैन्य कार्रवाई कर देती है तो इसके जवाब के लिए भारतीय सेना की आपात तैयारी लागू की जा रही है।

डोभाल के 27 जुलाई को चीन पहुंचने के पहले ही जिस तेवर में भारत को डराने के लिए धमकियां दी जा रही हैं उसके मद्देनजर यहां राजनयिक सूत्रों का कहना है कि भारत एकतरफा तौर पर डोकलाम से वापस हटने का फैसला नहीं कर सकता। भारत-चीन और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश नहीं दे सकता कि चीनी धमकियों से भारत डर गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की पेइचिंग में चीनी स्टेट काउंसेलर यांग च्ये छी के साथ होने वाली बैठक के पहले भारत ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग ई के ताजा बयान पर यहां राजनयिक सूत्रों ने कहा कि भारत ने कभी भी यह नहीं माना कि भारतीय सेना चीनी भू-भाग में घुसी हुई है। भारतीय सेना भूटान के दावे वाले डोकलाम इलाके में है और वहां दोस्त भूटान की रक्षा के लिए तैनात है।

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