खुले में शौच करना 'उनको' पड़ा भारी, प्रशासन ने ठोका 10 लाख का जुर्मान

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Tuesday, September 19, 2017-6:05 PM

भोपालः खुले में शौच करने की मध्यप्रदेश के लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ी। प्रदेश के बैतूल में एेसे ही करीब तीन दर्जन से ज्यादा परिवारों पर करीब 10 लाख जुर्माना ठोका गया है। दरअसल हुआ यूं कि जिले की रंभाखेड़ी ग्राम पंचायत में प्रशासन के बार-बार कहने पर लोगों ने न शौचालय बनवाए न ही खुले में शौच जाना छोड़ा। इस पर ग्राम पंचायत ने 43 परिवारों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जुर्माने की राशि जमा करने के लिए कहा है।

जनपद पंचायत आमला जनपद पंचातय के सीईओ प्रवीन कुमार ने बताया कि पंचायत ने जो जुर्माना किया है वह परिवार की सदस्य संख्या के हिसाब से किया है। सबसे अधिक 75 हजार का जुर्माना गांव के कुंवरलाल पिता दयाराम पर हुआ है। इनके परिवार में 10 सदस्य हैं।

इसी तरह यदि इन सभी 43 परिवारों में से प्रत्येक परिवार में 3-3 सदस्य हैं तो उस हिसाब से करीब 9 लाख 67 हजार 500 रुपए का जुर्माना इन सभी पर हो रहा है। जनपद सीईओ ने कहा कि यह परिवार यदि जुर्माने की राशि अदा नहीं करते हैं तो फिर राजस्व विभाग से आरआरसी जारी करवा कर जुर्माने की राशि वसूल करेगा।

रंभाखेड़ी और छोटी रंभाखेड़ी गांव में 136 मकान हैं। इनमें से 93 परिवारों ने अभी तक शौचालय निर्माण किया है। बाकी 43 परिवारों ने शौचालय नहीं बनवाए हैं। 75 हजार रुपए जुर्माने का नोटिस पाने वाले ग्रामीण कुंवरलाल का कहना है कि वे अभी तक यही इंतजार कर रहे थे कि शौचालय का निर्माण पंचायत कराएगी।

बता दें, पंचायत ने ग्राम पंचायत (स्वच्छता, सफाई तथा न्यूसेंस निवारण तथा उपशमन) नियम 1999 के 15 (1) व (2) के तहत न्यूसेंस का उत्तरदायी मान कर यह जुर्माना किया है। इस पंचायत के अंतर्गत 3 गांव आते हैं। इनमें इन 2 गांवों के अलावा केदारखेड़ा भी शामिल हैं।

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