पोस्टरबाजी में सुरक्षा ताख पर

  • पोस्टरबाजी में सुरक्षा ताख पर
You Are HereNcr
Thursday, March 13, 2014-3:13 PM

नई दिल्ली: राजधानी के ‘दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमैंट ऑफ प्रोपर्टी एक्ट 2007’ के कानून को ताक पर रखकर विभिन्न जगहों पर बिजली के खम्बों, टेलीफोन के खम्बों, सरकारी स्कूलों की इमारतों, दिल्ली नगर निगम के पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर हजारों की संख्या में होर्डिंग्स लगाए गए हैं, लेकिन फिर भी संबंधित एजैंसियां मामले पर ध्यान नहीं दे रही हैं। 

बिजली के खम्बों पर चढ़कर होर्डिंग्स को बांधते समय सुरक्षा को ताक पर रखकर इस खतरनाक काम को अंजाम दिया जाता है। कई बार दुर्घटनाएं भी घटित हो चुकी हैं। टेलीफोन के खम्बों पर होर्डिंग्स लगाए जाने से टेलीफोन की लाइनें खराब हो जाती हैं। यहां तक कि सरकारी स्कूल की इमारतों पर भी होर्डिंग्स को चिपका दिया जाता है, फिर भी प्रशासन बेखबर है। प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमैंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 2007 के अनुसार सार्वजनिक महत्व के किसी भी प्रॉपर्टी पर स्याही, चॉक, पेंट या किसी अन्य सामग्री से किसी प्रकार की लिखावट या फिर उसे गंदा करना, पोस्टर चिपकाना आदि कानूनन अपराध है, पश्चिमी क्षेत्र द्वारका, उत्तम नगर, रोहिणी,नजफगढ़  आदि क्षेत्रों में खंभों, पर होर्डिंग्स देखे जा सकते हैं। 

"संबंधित विभाग के साथ मिलकर समय-समय खंभों पर लगे होर्डिंग्स हटाए जाते हैं। कहीं यह लगे हैं, तो चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।" दीपक शंकर, बीएसईएस, प्रवक्ता। 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You