जालंधर: पंजाब के जालंधर जिले में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक स्वामी आशुतोष जी महाराज आज लगातार दूसरे दिन भी चिर समाधि में लीन रहे। आश्रम के प्रवक्ता का कहना है कि 42 घंटे बीतने के बाद भी उनके शरीर में कोई बदलाव नहीं आया है। डॉक्टर चाहे उन्हें क्लीनिकली डेड बताते रहे लेकिन स्वामी जी चिर समाधि से जरुर वापिस लौटेंगे।

उधर तर्कशील सोसाईटी नामक संस्था ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान पर अन्धविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। लुधियाना के अपोलो अस्पताल के डाक्टरों द्वारा स्वामी आशुतोष को क्लीनिकली डेड बताने के 42 घंटे बाद भी उनके शरीर में कोई बदलाव नहीं आया है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रवक्ता स्वामी विशालानंद का दावा है कि आशुतोष पहले की तरह ही समाधी में लीन है। उनके कुछ खास साधक इस समय भी उनके करीब है।




इन खास साधकों के अतिरिक्त किसी को भी स्वामी आशुतोष के पास जाने की इजाजत नहीं है। स्वामी आशुतोष लेटी हुई अवस्था में है और बिलकुल ठीक ठाक है। स्वामी विशालानंद का कहना है कि मेडिकल साइंस ने अभी इतनी तरक्की नहीं की है कि वो भारत के प्राचीन ऋषि मुनिओं को प्राप्त अध्यात्मक शक्तिओं के बारे में जान सके। स्वामी आशुतोष के पास इतनी शक्ति है कि वो जब तक चाहे अपने हृदय की धड़कन और नब्ज को रोक सकते है।

बिहार के दरभंगा जिले में जन्मे स्वामी आशुतोष महाराज ने सन 1980 में जालंधर के नजदीक नूरमहल में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की नींव रखी थी। इस समय देश में इस संस्थान के करीब 350 आश्रम स्थापित किए जा चुके है। स्वामी जी के श्रदालुओं की गिनती करोड़ो में है। इन्ही श्रदालुयों ने तन मन और धन से सेवा कर इन आश्रमों की स्थापना की है। भारत के अलावा कई अन्य देशो में भी दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का प्रचार प्रसार हो रहा है।

संस्थान के प्रवक्ता स्वामी विशालानंद का कहना है कि कुछ अखबारों में छपी सम्पति विवाद की खबरो में कोई सच्चाई नहीं है। वैसे भी स्वामी आशुतोष महाराज को कुछ नहीं हुआ है। वो कभी भी चिर समाधी से बाहर निकल भक्तो को दर्शन दे सकते है। दूसरी और तर्कशील सोसाइटी नाम की संस्था ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान पर अन्धविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। तर्कशील सोसाइटी के सदस्य राजू सोनी का कहना है कि डॉक्टर अगर किसी व्यक्ति को मृत करार दे देते है तो उसका दोबारा जिन्दा होना नामुमकिन है। डॉक्टरों ने कई तरह के चेक करने के बाद ही क्लीनिकली डेड की रिपोर्ट दी होगी।

दिव्य ज्योति जाग्रति संसथान का यह दावा गलत है कि स्वामी आशुतोष कई घंटो तक अपनी सांसे और दिल की धड़कन को रोके रख सकते है। राजू सोनी का कहना है कि लोगों को ओ भ्रम के जाल से बाहर निकालने के लिए जरुरी है कि तर्कशील सोसाइटी के सदस्यों को डॉक्टरों की टीम के साथ स्वामी आशुतोष का मुआयना करने की इजाजत दी जाए। अगर हमारे डॉक्टर भी आशुतोष को मृतक ऐलान कर देते है तो स्वामी आशुतोष के जिन्दा होने की सूरत में पांच लाख का इनाम तक देने को तैयार है।