भारत-भूटान को समान मूल्य एवं जीवन दृष्टिकोण आपस में जोड़ते हैं: राजकुमारी भूटान

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Sunday, March 02, 2014-12:24 PM

भोपाल: भूटान की राजकुमारी आशी सोनम डेचन वांगच्युक ने कहा है कि भारत और भूटान के समान मूल्य एवं जीवन के प्रति दृष्टिकोण दोनों देशों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। राजकुमारी आशी सोनम आज यहां धर्म-धम्म की दूसरी अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहा कि वह यहां भारत की मित्र के रूप में भूटान नरेश के ‘ग्रास नेशनल हैप्पीनेस’ की अवधारणा को लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि स्थाई संतुष्टि, प्रसन्नता और विकास का मापदण्ड देश के सामान्य जनजीवन को प्राप्त शिक्षा, स्वास्थ्य आदि संसाधन होना चाहिए।

 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारतीय दर्शन सबके सुखमय और निरोगी जीवन की कामना करता है। वह समूचे विश्व को एक परिवार के रूप में मानकर सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सिद्धांत को स्वीकारता है। उन्होंने कहा कि भौतिकता के युग में झुलस रहे विश्व को भगवान बुद्ध द्वारा बताया गया करूणा, दया, प्रेम, मानवता का अष्टांग दर्शन सुखी होने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि धर्म और धम्म का यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन विश्व को मानवता का संदेश देगा।

 

उन्होंने भूटान की राजकुमारी का स्वागत करते हुए कहा कि भूटान और भारत के संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे। आयोजन को श्रीलंका के वरिष्ठ मंत्री डॉ. सरथ अमुनुगामा तथा सांची बौद्ध एवं भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति वेन समधोंग रिंपोचे एवं श्रीलंका से आए बौद्ध दर्शन के विद्वान वेनगला उपातिसा नायका थेरो ने भी संबोधित किया। संगोष्ठी में भारत सहित अमेरिका, नार्वे, श्रीलंका, भूटान, कोरिया, वियतनाम, म्यांमार आदि देशों से आए वैदिक तथा बौद्ध धर्म के विद्वान शामिल हुए हैं।


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