गांधी की हत्या में संघ का हाथ नही था: आडवाणी

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Wednesday, March 12, 2014-11:25 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते राजमोहन गांधी का हवाला देते हुए आज फिर कहा कि गांधी जी की हत्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कोई हाथ नही था।आडवाणी ने अपने ब्लाग में राजमोहन गांधी की पुस्तक का हवाला दिया और उसमें छपे तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के पत्र का उल्लेख किया जो उन्होंने  प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु को 27 फरवरी 1948 को लिखा था। उन्होंने लिखा था मैं बापू की हत्या के बारे हो रही जांच पर रोजाना नजर रखे हुए हूं। मैं हर रोज शाम को अधिकतर वक्त संजीवी के साथ चर्चा करता हूं और जरुरत पडऩे पर सलाह देता हूं। सारे अभियुक्तों से पूछताछ की गई और विस्तार से उनके बयान दर्ज किए गए हैं। इससे यही लगता है कि संघ का इसमे बिल्कुल हाथ नहीं है।

उल्लेखनीय है कि संजीवी उस समय दिल्ली पुलिस के महानिरीक्षक और गुप्तचर सेवा के प्रमुख थे। आडवाणी ने कहा कि कोई वास्तव में इतिहास पर गौर करेगा तो यही महसूस करेगा कि अगर गांधीजी ने जवाहर लाल नेहरु के बजाय सरदार पटेल को आजाद भारत का पहला प्रधानमंत्री चुना होता तो निश्चित तौर पर इतिहास कुछ और होता। राजमोहन गांधी ने पुस्तक में लिखा है लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि महात्मा गांधी कुछ हद तक वल्लभभाई के साथ निष्पक्ष नहीं रहे। अगर कुछ गलत हुआ तो महात्मा के पोते के नाते कुछ हद तक स्वीकार करना चाहिए। आडवाणी ने लिखा  गांधीजी के पोते राजमोहन का खुलकर कहना कि गांधी ने प्रधानमंत्री चुनने के मामले में जो फैसला लिया वह संभवत: सही नही था। उनका यह स्वीकार करना न केवल उनकी महानता को दर्शाता है बल्कि सामान्य सोच का समर्थन करता है कि सरदार पटेल ज्यादा उपयुक्त रहते।

 


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