CM को बोलने से पहले तोलना चाहिए: सतपाल महाराज

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Monday, March 24, 2014-12:59 PM

देहरादून: भाजपा नेता सतपाल महाराज ने कहा कि आपदा के समय में वह हैलीकॉप्टर से ही नहीं अपितु सड़क मार्ग व पैदल आपदाग्रस्त दूरस्थ गांवों में गए और आपदा प्रभावितों का दर्द समझा और उन्हें हरसंभव सहायता पहुंचाई।

उन्होंने संसद में भी आपदा के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जिससे संसद में इस पर चर्चा करवाई गई और उस चर्चा में भी उन्होंने पूरे उत्तराखण्ड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों व वहां के प्रभावित निवासियों के दर्द को, उनकी व्यथा को उठाया।

इसके अतिरिक्त आपदा प्रभावितों को राहत देने के लिए उन्होंने विधायकों जिसमें डॉ. ए.पी. मैखुरी, राजेन्द्र भण्डारी, डॉ. जीत राम, सुन्दरलाल मन्दरवाल, गणेश गोदियाल, शैला रानी रावत, सुबोध उनियाल, मंत्री प्रसाद नैथानी के साथ चर्चा कर बिंदु तैयार कर तत्कालीन बहुगुणा सरकार को दिए और त्वरित सहायता पहुंचाई गई।

खच्चरों के मुद्दे को उन्होंने उठा खच्चरों का मुआवजा 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए करवाया। कंडी वालों का मुआवजा बढ़वाया। भाजपा नेता महाराज ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से कहा कि वह सूबे के मुखिया हैं और उन्हें कुछ भी बोलने से पहले तोल लेना चाहिए। जनता जानती है कि किसने क्या किया है।

महाराज ने कहा कि जिस समय आपदा के समय में संसद चल रही थी उस समय उनके दोनों पुत्र श्रद्धेय रावत व सुयश रावत सुदूरवर्ती गांवों में घूम-घूम कर प्रभावितों में राहत सामग्री वितरित कर रहे थे।
 


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