जानिए, हिमाचल के किन-किन नेताओं पर चल रहे हैं अदालत में केस

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Wednesday, April 02, 2014-6:02 PM

शिमला: हिमाचल के कुछ नेताओं के दामन पर भी दाग लगे हैं। इसमें से कुछ मामले चल रहे हैं, जबकि कुछ पर मामला अदालत में विचाराधीन है। प्रदेश के नेताओं पर यह आरोप मुख्यमंत्री से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री पर पक्ष-विपक्ष की तरफ से लगे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भी पहले सी.डी. मामला दर्ज किया गया था, जिस पर अदालत ने उनको बाद में क्लीन चिट दे दी थी। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर सत्ता में रहते हुए एच.पी.सी.ए. को अनुचित लाभ प्रदान करने के आरोप लगे हैं, जिसकी जांच का वह सामना कर रहे हैं। कांग्रेस की चार्जशीट में भी उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं। हालांकि प्रदेश में सबसे संगीन मामला कांग्रेस टिकट पर चुनाव लडकऱ विधायक बने राम कुमार पर दर्ज हुआ है। उन पर ज्योति मर्डर कांड का मुख्य आरोपी बनाया गया है और वह पिछले एक साल से जेल में बंद है। अभी भी उनको अदालत से जमानत मिलने का इंतजार है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ज्योति की हत्या की और बाद में सबूत को मिटाने का प्रयास भी किया।

पूर्व विधायक बलदेव शर्मा पर दुराचार का आरोप

पूर्व विधायक बलदेव शर्मा पर महिला के साथ दुराचार करने का आरोप लगा है। इसको लेकर उन पर मामला भी दर्ज कर लिया गया है। मामला दर्ज होते ही कांग्रेस ने इस मामले को चुनाव में भुनाने की तैयारी कर दी है। इस मामले को कांग्रेस जनता के बीच जा रही है, जबकि बलदेव शर्मा ने सफाई देते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि चुनाव के समय यह उनको बदनाम करने और कांग्रेस को लाभ पहुंचाने की साजिश है, ताकि भाजपा को हराया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भाजपा चुनाव में जीतेगी और उन पर लगे झूठे आरोप भी निराधार साबित होंगे।

वीरेंद्र कश्यप को लेकर बनी सी.डी. बनी आफत
शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ रहे वीरेंद्र कश्यप के खिलाफ पैसे लेने का आरोप है। उनको एक सी.डी. में पैसे लेते दिखाया गया है। हालांकि यह मामला पुराना है और पूर्व सरकार के समय इसकी जांच भी कर ली गई थी। अब इस सी.डी. से जुड़ा मामला फिर से खुल गया है, जिसे कांग्रेस चुनाव में भुनाना चाहती है। हालांकि सांसद वीरेंद्र कश्यप इस मामले को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। उनका कहना है कि जिसकी जांच पूर्व सरकार के समय पूरी हो चुकी है, उस पर चुनाव के समय उनको बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।

राजीव बिंदल के खिलाफ अदालत में चालान पेश

नगर परिषद सोलन सोलन से जुड़ा भर्ती मामला पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिंदल का पीछा नहीं छोड़ रहा है। इस मामले में राजीव बिंदल सहित 29 व्यक्तियों के खिलाफ विजीलैंस ने अदालत में चालान पेश कर दिया है। इनमें 2 एच.ए.एस. अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें से 1 अधिकारी सेवानिृवत हो चुके हंै। उन पर आरोप है कि पूर्व में नगर परिषद सोलन में हुई नियुक्तियों में अनियमिताएं हुई। इसको लेकर वर्ष 2005 में विजीलैंस में मामला भी दर्ज किया गया था।

एच.पी.सी.ए. व भूमि खरीद मामले में अनुराग पर आरोप
सांसद एवं एच.पी.सी.ए. के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर पर भी विजीलैंस ने शिकंजा कसा है। उन पर एच.पी.सी.ए. मामले में अनियमितता बरतने और भूमि खरीद मामले की जांच चल रही है। एच.पी.सी.ए. को पहले सोसाइटी और बाद में कंपनी एक्ट में दर्ज करने पर सवाल उठे हैं। इसी तरह प्रेमू नामक व्यक्ति से नौतोड़ जमीन खरीद मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं।

कपूर पर प्लॉट आबंटन की गाज

पूर्व परिवहन मंत्री किशन कपूर भी प्लॉट आवंटन मामले में विजीलैंस जांच मामले का सामना कर रहे हैं। उन पर मंत्री पद पर रहते हुए धर्मशाला के समीप नियमों के विपरीत प्लॉट आवंटित करने का आरोप है। इस मामले में विजीलैंस जांच चल रही और दावा किया जा रहा है कि उनके खिलाफ जल्द अदालत में चालान पेश कर दिया जाएगा। इसी तरह भाजपा विधायक रिखी राम कौंडल और कांग्रेस विधायक आशा कुमारी पर भी आरोप लगे हैं। साथ ही कुछ नेताओं पर धरना एवं प्रदर्शन करने के दौरान मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें भाजपा और कांग्रेस के अलावा माकपा नेता शामिल है।

जेल में रह चुके हैं राकेश सिंघा

माकपा नेता राकेश सिंघा भी एक मामले में जेल की सजा काट चुके हैं। इसके चलते उनकी विधानसभा की सदस्यता भी चली गई थी। उस समय वह शिमला से विधायक बने थे। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में वह ठियोग से माकपा टिकट पर चुनाव लड़े थे।

कांग्रेस-भाजपा की चार्जशीट में एक-दूसरे पर आरोप
विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस और भाजपा ने सत्ता पक्ष के खिलाफ चार्जशीट तैयार की है। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही चार्जशीट को सरकारी दस्तावेज बनाते हुए इस पर जांच शुरू कर दी है, जिसकी विजीलैंस जांच कर रही है। इसी तरह भाजपा ने भी प्रदेश सरकार के एक साल पूरा होने के अवसर पर सत्ता पक्ष के सभी मंत्रियों को कटघरे में खड़ा किया है।


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