<

1962 की लड़ाई ने नेहरू ने छेड़ी थी!

  • 1962 की लड़ाई ने नेहरू ने छेड़ी थी!
You Are HereNational
Wednesday, April 02, 2014-7:53 PM

नई दिल्ली: भारत चीन की जंग के अब तक छिपा कर रखे गए रहस्य को उजागर करने वाले आस्ट्रेलियाई पत्रकार नेविल मैक्सवेल ने दावा किया है कि 1962 की यह लड़ाई तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने छेड़ी थी जबकि भारतीय रक्षा सूत्रों ने खुलासा किया है कि इस युद्ध के बारे तैयार अति गोपनीय हैंडरसन ब्रुक्स की रिपोर्ट का वह हिस्सा उजागर नहीं हुआ जो आज भी भारत-चीन संबंधों की दृष्टि से अत्यंत संवदेनशील है1

मैक्सवेल ने फरवरी में इस रिपोर्ट के 126 पन्नों को अपनी वैबसाइट  पर अपलोड कर भारत-चीन के रिश्तों में आधी सदी से नासूर की तरह घुल रहे 1962 के युद्ध के जख्मों और उससे जुड़ी बहस को ताजा कर दिया था। उन्होंने आस्ट्रेलियाई में एक अंग्रेजी दैनिक को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि वह इस लड़ाई की असलियत को सामने लाना चाहते थे जिसके बारे में अनेक भ्रांतियां हैं।

 मैक्सवेल ने हैंडरसन ब्रुक्स रिपोर्ट के पहले 2 खंडों के हवाले से कहा कि यह सही नहीं कि चीन ने भारत पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि सच यह है कि पंडित नेहरू ने भारतीय सेना को नार्थ ईस्ट फ्रंटियर एरिया ‘नेफा’ जो अरूणाचल प्रदेश कहलाता है, में चीनी कब्जे को खाली कराने का आदेश दिया था।

 दूसरी ओर रक्षा सूत्रों ने खुलासा कि नेविल मैक्सवेल ने भले ही हैंडरसन ब्रुक्स के ज्यादातर पन्ने खोल दिए हों लेकिन जिन दस्तावेजों को ‘आपरेशनल दृष्टि से संवदेनशील’ बताते हुए भारत सरकार गोपनीय रखना चाहती है. वे पन्ने अब भी रक्षा मंत्रालय की 3 तिजोरियों में कैद हैं। सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट 3 खंडों में है और उसके पहले दो खंडों में मूल रिपोर्ट है जबकि तीसरा खंड सिर्फ संलग्नकों का है।  इस खंड में सारे खुफिया और संवदेनशील दस्तावेज, मानचित्र और स्कैच लगे हैं।

रक्षा सूत्रों ने कहा कि तीसरे खंड के संलग्नकों में अन्य दस्तावेजों के अलावा बड़ी संख्या में वे मानचित्र और सेना द्वारा तैयार किए गए स्कैच भी हैं जो बताते हैं कि आजादी के बाद से 1962 तक की जंग और चीनी सैनिकों की वापसी के बाद भारतीय सैन्य ठिकाने कहां-कहां थे।

 मसलन स्कैच सी में दौलत बेग ओल्डी में चौकी स्थापित किए जाने का संलग्नक है तो एक अन्य संलग्नक में गालवान नदी के पास चौकी बनाए जाने का दस्तावेज है। जंग से पहले की भारत-सीमा के अनेक मानचित्र इसमें नत्थी हैं। यदि इन सबको आधिकारिक तौर पर उजागर किया गया तो भारत और चीन के बीच रही सीमा वार्ता प्रभावित हो सकती है और कुछ दस्तावेज ऐसे भी हैं जिनके बहाने बातचीत में चीन अपने स्थिति मजबूत करना चाहेगा।

 जोधपुर की सैन्य कोर में तैनात लेफ्टिीनेंट जनरल हैंडरसन ब्रुक्स ने यह रिपोर्ट ब्रिगेडियर पी.सी. भागवत के सक्रिय सहयोग से तैयार की थी और 1963 में इसे तत्कालीन सरकार के सुपुर्द किया था। तब से लेकर अब तक यह रिपोर्ट गोपनीयता के पहरे में रखी है। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने भी इसे उजागर करने से अपने हाथ खींच लिए थे और सूचना के अधिकार के तहत भी इसका खुलासा नहीं किया गया था।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You