जातिगत राजनीति बीते जमाने की बात हुई : जरनैल सिंह

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Sunday, April 06, 2014-12:00 PM

नई दिल्ली  (कार्तिकेय हरबोला): पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे जरनैल सिंह दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय चर्चा में आए, जब वर्ष 2009 में उन्होंने एक प्रेसवार्ता में तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर जूता फेंककर मारा था। पहली बार राजनीति में उतरे जरनैल सिंह ने 1995 में पत्रकारिता का कोर्स किया। 16 वर्ष तक राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता की। राजनीति में उनके नए अनुभव को लेकर पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश :-

आपका सामना राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों से है, इसे कैसे देख रहे हैं?
मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरे सामने कौन है, मुझे बस देश और समाज के हित में अपनी लड़ाई लडऩी है, जिसमें कार्यकर्ता मेरे साथ लगे हुए हैं। हां उन लोगों के पास पैसा है, लेकिन आम आदमी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की बदौलत मुकाबले में उतरी है। दूसरी पार्टियां हमारे कार्यकर्ताओं का मुकाबला नहीं कर सकती।


 किस पार्टी से आप अपना मुकाबला मान रहे हैं?
हमारी लड़ाई न किसी पार्टी से है और न ही मैं किसी को अपने मुकाबले में समझता हूं। अब वह पद्धति खत्म हो गई है कि लोग एक ही पार्टी को समर्थन दें। जनता अब मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दे रही है और हमें जनता का विश्वास मिल रहा है। किसी पार्टी से मुकाबले की कोई बात नहीं है। कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत को लोग समझने लगे हैं।


 चुनाव लडऩे का आपका पहले से मन था या...?
मैं आम आदमी हूं और जनता की सेवा मेरा उद्देश्य है। पार्टी की नीतियों के समर्थन में चुनाव में उतरा हूं। यदि कांग्रेस और भाजपा ने देश का विकास किया होता तो आम आदमी पार्टी के गठन की नौबत ही नहीं आती। सच कहूं तो चार महीने पहले तक मेरा चुनाव लडऩे का कोई इरादा नहीं था, लेकिन अरविंद केजरीवाल के कहने पर मैंने लोकसभा चुनाव लडऩे का मन बनाया।


ठ्ठ पश्चिमी दिल्ली में जाति व क्षेत्र की राजनीति के बारे में क्या सोचते हैं?

जातिगत राजनीति बीते जमाने की बात होकर रह गई है। लोगों का अब इससे मोह भंग हो चुका है। आम आदमी पार्टी जाति, धर्म व क्षेत्र पर नहीं, बल्कि नीतियों की लड़ाई लड़ती है। वैसे भी जातिगत राजनीति एक सीमित क्षेत्र में सिमट कर रह जाती है, जीतने के लिए आपको सभी को साथ लेकर चलना होगा।


 राजनीति में आने का आपका मकसद क्या है?
मैं भ्रष्टाचार, राजनीति के अपराधीकरण और दंगा-फसाद के खिलाफ हूं। मुझे पहले यह उ मीद नहीं थी कि यह समस्या देश से खत्म की जा सकती है, लेकिन अरविंद केजरीवाल के आने के बाद मुझमें एक विश्वास कायम हुआ। दिल्ली में आप की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है।


 चुनाव जीतने के बाद आपकी प्राथमिकता क्या होगी ?
पश्चिमी दिल्ली के अंतर्गत आने वाले हर क्षेत्र की अपनी अलग समस्याएं और प्राथमिकताएं हैं। यदि जनता मुझे अपना विश्वास देती है तो मैं उन समस्याओं को दूर करने के लिए पहल करूंगा। जैसे द्वारका में पानी, मटियाला में स्टेडियम। ऐसे ही कॉलेज, खेल के सुविधाएं आदि। यातायात की यहां पर प्रमुख समस्या है। इसके अलावा अनियमित कॉलोनियों को नियमित कराने सहित लोगों को मालिकाना हक दिलाने का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा।


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