16वीं लोकसभा चुनाव नेताओं की अभद्र भाषा के लिए रहेंगे याद

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Monday, April 07, 2014-2:25 AM

नई दिल्ली : देश में लोकतांत्रिक इतिहास में यह लोकसभा चुनाव शायद सबसे ज्यादा अभद्र भाषा के इस्तेमाल के लिए जाना जाएगा। विभिन्न दलों के नेता निरन्तर एक-दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनीतिक विरोध का स्तर इतना नीचे गिर गया है कि केन्द्रीय मंत्री भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी सबसे ज्यादा निशाने पर रहे हैं।

 मोदी भी अपने विरोधियों के खिलाफ हमले करते निजी स्तर तक चले जाते हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल को ‘पाकिस्तान का एजैंट’ कहा। समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान ने मोदी को ‘कुत्ते के बच्चे का भाई’ बताया तो केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ‘सबसे बड़ा गुंडा’ करार दिया।

 उन्होंने राजनाथ सिंह को मोदी का गुलाम बताया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी की सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों की जमीन चुरा रहे हैं। उन्होंने मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि वह ‘नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर’ की तरह काम करते हैं। वैसे मोदी राहुल को अक्सर ‘शहजादा’ कहते रहे हैं और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ इतालवी मरीन के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार इमरान मसूद ने मोदी को ‘टुकड़े-टुकड़े करने’ वाला बयान देकर विवाद खड़ा किया। इस बयान को लेकर उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘हम तुमको (मोदी) लोगों की हत्या करने का आरोपी नहीं बता रहे हैं, हमारा आरोप है कि तुम नपुंसक हो।’’ केन्द्रीय कृषि मंत्री और राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मोदी को मानसिक अस्पताल में उपचार कराने की जरूरत है। इसके अलावा कई और नेताओं ने आपत्तिजनक बयान दिए।


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