गुरु नानक देव जी की ज़मीन हासिल करने के लिए नेपाल में कानूनी जंग

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Tuesday, November 26, 2013-12:17 PM

काठमांडू: नेपाल की सिख संगत की तरफ से लड़ी जा रही इस कानूनी जंग में दुबई के प्रसिद्ध उद्योगपति एस. पी. सिंह ओबरॉय तहदिली के साथ सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने इस ज़मीन पर एक गुरुद्वारा साहब निर्माण करने के इलावा अनाथ आश्रम, अस्पताल और एक सराय बनाने का प्रोजैक्ट भी तैयार कर लिया है।

इस यज्ञों बारे मान्यता है कि गुरु नानक देव जी अपनी तीसरी उदासी दौरान 1516 ईस्वी में तिब्बत होते हुए इस यज्ञों पर आए थे। गुरु नानक देव जी की नेपाल फेरी से पहले उनकी कृपा के साथ नेपाल के राजे मल्ला को गंभीर बीमारी से मुक्ति मिली थी और अपनी बीमारी ठीक होने से छिन हुए राजे मल्ला ने सत्संग और भजन बंदगी के लिए 200 एकड़ ज़मीन गुरु नानक देव जी के नाम पर कोमल दी थी। इस ज़मीन में से बहुती ज़मीन पर अब कब्ज़े हो गए हैं और सिर्थ 35 कनाल ज़मीन ही बची है।

इस ज़मीन का दस्तावेज़ी सबूत नेपाल के माल महकमो के सरकारी रिकार्ड में मौजूद है और इस रिकार्ड के आधार पर ही सरकारी समिति की रिपोर्ट सिक्ख संगत के दावे को मज़बूत कर रही है। नेपाल में चयन नतीजे आने के बाद इस मामलों में कोई आखिरी फ़ैसला आएगा और उसके बाद गुरु नानक देव जी के नाम पर मौजूद इस ज़मीन पर उसारी का काम शुरू होने की उम्मीद है।


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