बैसाखी वाले दिन पंजाब में खड़केंगे ‘बर्तन’!

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Tuesday, April 08, 2014-5:21 PM

अमृतसर: पंजाब भर के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं निभा रहे कम्प्यूटर अध्यापक लगातार अपने वैद्य अधिकारों पाने के लिए लगभग एक दशक से पंजाब सरकार से संघर्ष कर रहे हैं, इसी कड़ी में संबंधित अध्यापकों की सबसे बड़ी संगठन कम्प्यूटर मास्टर यूनियन ने कुछ दिन पहले घोषित किए  ‘बर्तन’ संघर्ष की तिथियों की आज घोषणा कर दी है। 

अत: लोकसभा चुनावों में पंजाब सरकार को एक बड़ी समस्या से जूझना पड़ सकता है, जोकि सरकार ने स्वयं ही खड़ी की है। जत्थेबंदी के प्रांतीय सचिव राजदीप सिंह संधू मानसा और सीनियर पदाधिकारी रणजीत सिंह होशियारपुर ने बताया कि बैसाखी पर्व पंजाब में विशेष महत्व रखता है अत: पंजाब सरकार के विरुद्ध ‘बर्तन’ खड़काते हुए संघर्ष का प्रारंभ गुरु की नगरी श्री अमृतसर साहिब से उप प्रधान ललित शर्मा की अगुवाई में 13 अप्रैल को बैसाखी वाले दिन किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि यदि इस सप्ताह में 9 माह का बकाया महंगाई भत्ता और 2 माह का वेतन जारी न किया गया तो वे 13 अप्रैल को अमृतसर के साथ-साथ लुधियाना, भटिंडा और संगरूर में विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर एकत्रित होकर बर्तन खड़काते हुए लोगों और लोकसभा प्रत्याशियों से भीख मांगेंगे व सरकार द्वारा उनसे किए गए अन्याय को बताते हुए पर्चे भी लोगों में बांटेंगे। 

फाइल में उलझे वेतन: यूनियन पदाधिकारियों ने सरकार की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जब भी वह उच्चाधिकारी से वेतन की बात करते हैं तो उन्हें हर बार यही कहा जाता है कि उनके वेतन की फाइल वित्त विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेज रखी है। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 3 सालों से उन्होंने वेतन के लिए तंग किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के अधीन काम कर रहे अलग-अलग विभागों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अलग-अलग कर्मचारियों को जनवरी 2013 से लेकर सितम्बर 2013 तक का डी.ए. का एरियर कब से दिया जा चुका है, जबकि कम्प्यूटर अध्यापक अभी तक डी.ए. के एरियर से वंचित हैं। 

क्लैरिकल कार्यों के बायकाट की घोषणा : राजदीप सिंह ने बताया कि पंजाब भर में स्कूलों से संबंधित सारा क्लैरिकल काम कम्प्यूटर अध्यापक करते हैं। यहां तक कि दूसरे अध्यापकों के वेतन बनाना और पारित करवाना भी कम्प्यूटर अध्यापकों की जिम्मेदारी है, जबकि खुद उन्हें वेतन के लिए सरकार के मुंह की तरफ देखना पड़ रहा है। राजदीप ने बताया कि अब पंजाब स्तर पर कम्प्यूटर अध्यापकों ने तब तक क्लैरिकल कार्य बिल्कुल बंद रखने का निर्णय लिया है, जब तक उन्हें पिछले साल के महंगाई भत्ते का बकाया और 2 महीने का वेतन नहीं मिल जाता।

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