कप्तान के रूप में सफल नहीं हुए 'भारत रत्न' सचिन तेंदुलकर

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Tuesday, February 04, 2014-5:36 PM

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को आज दिल्‍ली में राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। सचिन को भारत रत्न देने का फैसला उनके आखिरी टेस्ट क्रिकेट में अपनी आखरी पारी खेलने के बाद 16 नवम्बर को हुआ था।

सचिन ने खेल के मैदान में अनेक प्रतिभाएं हासिल की हैं, कई रिकार्ड अपने नाम किए हैं लेकिन रिकार्डों का बादशाह कप्तान के रूप में सफलता हासिल नहीं कर पाया। सचिन को दो बार भारतीय टीम की कमान सौंपी गई लेकिन वह कभी उम्मीद पर खरे नहीं उतर पाए।

भारत ने सचिन की अगुवाई में 25 टेस्ट मैच खेले हैं जिन में से भारत ने केवल चार मैच जीते हैं, जबकि नौ मैचों में उसे हार मिली। उन्होंने इन मैचों में 51.35 की औसत से 2054 रन बनाए जिसमें सात शतक शामिल हैं। अक्तूबर 1996 में सचिन पहली बार ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध में कप्तान के रूप में पहली बार दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में उतरे थे। भारत वह मैच जीतने में सफल रहा।

अगर वन डे मैचों की बात करें तो सचिन ने 73 मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की लेकिन केवल 23 मैच ही जीत पाए। सचिन ने 73 वन डे मैचों में छह शतकों की मदद से 2454 रन बनाए। उनका औसत 37.75 रहा जबकि उनका ओवरआल औसत 44.83 है। यही नहीं जब उन्हें आईपीएल में मुंबई इंडियन्स का कप्तान बनाया गया तो वह अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाए थे। उनके कप्तानी से हटने के बाद मुंबई इंडियन्स दो बार चैंपियन्स लीग और एक बार आईपीएल जीतने में सफल रहा।


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