धरती की कक्षा से निकलकर मंगल के लिए रवाना हुआ मंगलयान

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Sunday, December 01, 2013-8:25 AM

बेंगलूर: भारत ने अपने मंगल अभियान का एक और महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा करते हुए यान को धरती की कक्षा से निकालकर मंगल की ओर रवाना कर दिया है। मध्य रात्रि के बाद 12 बजकर 49 मिनट पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) के नियंत्रण कक्ष से कमांड देकर मंगलयान के 440 न्यूटन इंजन को लगभग 22 मिनट आठ सेकेंड के लिए चलाया गया। इस आपरेशन की मदद से यान को पृथ्वी की कक्षा से सूर्य की कक्षा में स्थानांतरित कर दिया गया।

 

इसरो ने बताया कि रात 12 बजकर 30 मिनट पर ही मंगलयान की दिशा बदल दी गई थी ताकि इसकी कक्षा बदली जा सके। अगले तीन सौ दिन के दौरान यान को सूर्य की कक्षा में उस जगह ले जाया जाएगा जहां वह मंगल की कक्षा से मिलती है और फिर इसे मंगल की कक्षा में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे पहले 05 नवंबर को प्रक्षेपण के बाद से यान पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहा था।

 

इस दौरान पांच बार यान की कक्षा को उन्नत कर धरती से उसकी अधिकतम दूरी 23 हजार 550 किलोमीटर से बढ़़ाकर एक लाख 93 हजार किलोमीटर कर दी गई थी। यह वह कक्षा है जहां से उसे अंतत: सूर्य..केंद्रित कक्षा की ओर रवाना किया गया। इसरो ने बताया कि उसका टेलिमीट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) ब्यालालू स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) एंटिना की मदद से मंगलयान पर लगातार नजर रखे हुए है। यान के सभी उपकरण और यंत्र ठीक काम कर रहे हैं।

 

यान 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंच जाएगा। यान के साथ पांच उपकरण मास कलर कैमरा (एमसीसी) थर्मल इंफ्रारेड इमेजिंग स्पेक्ट्रोमीटर (टीआईएस) मीथेन सेंसर फार मार्स (एमएसएम) मार्स इनोस्फेरिक न्यूटरल कंपोजिशन ऐनलाइजर (एमईएनसीए) और लिमेन एल्फा फोटोमीटर (एलएपी) भी भेजे गए हैं। ये मंगल के वातावरण में मीथेन का पता लगाने की कोशिश करेंगे तथा वहां के वातावरण और धरातल की संरचना का अध्ययन करेंगे। साथ ही मंगल ग्रह की करीबी तस्वीरें भी ली जाएंगी।


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