whatsapp की ऐसी बातें जो अब तक थीं राज़!

  • whatsapp की ऐसी बातें जो अब तक थीं राज़!
You Are HereNational
Thursday, February 27, 2014-9:44 AM

नई दिल्ली: फ़ेसबुक ने व्हट्सऐप के लिए 19 अरब डॉलर या लगभग 1180 अरब रुपए की भारी भरकम रकम अदा की है। इस रकम में तीन अरब डॉलर की राशि शामिल है जो आगे चलकर इसके कर्मचारियों को मिलेगी। यह रकम रिटेल कारोबार से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों की मौजूदा कीमत से काफी अधिक है, जबकि ये कंपनियां मुनाफ़ा भी बहुत बेहतर कमा रही हैं।

दुनिया भर में मैसेजिंग ऐप व्हट्सऐप का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस समय व्हट्सऐप के करीब 45 करोड़ यूजर्स हैं। यह डाटा किसी भी कंपनी के लिए बेहद कीमती हो सकता है। 45 करोड़ सक्रिय यूजर्स तक इतनी तेजी से अभी तक कोई कंपनी नहीं पहुंच पाई, जितनी तेजी से वॉट्सऐप  इन तक पहुंचा है।

इसके अलावा एक और फीचर जो फेसबुक के फेवर में जाता है वह यह है कि यहां काम करने इंजीनियरों की संख्या महज 32 है, यानी कर्मचारी बहुत ही कम हैं। व्हट्सऐप ने इस बुलंदी तक पहुंचने के लिए न तो विज्ञापन पर कोई पैसा खर्च किया है और न ही किसी भी तरह की कोई घटिया गेम या चालबाजी खेली है। यानी मार्केटिंग पर भी इनका खर्च जीरो है। यह एक ऐसी कंपनी है जिसका प्रचार सिर्फ मुंह ज़बानी हुआ है। मतलब इसका लोगों ने वर्ड ऑफ माउथ के जरिए प्रचार प्रसार किया।

एक परंपरागत अधिग्रहण में किसी भी कंपनी को अपने निवेशकों को यह समझाना पड़ता है कि इस सौदे से भविष्य में होने वाली आमदनी कैसे प्रभावित होगी। लेकिन फ़ेसबुक या गूगल जैसी कंपनियों पर इस तरह की कोई भी बात लागू होती नहीं दिखाई देती है। आपको याद होगा जब फ़ेसबुक ने इंस्टाग्राम के लिए एक अरब डॉलर का भुगतान किया तब भी लोगों ने इसे नासमझी भरा सौदा करार दिया था। हालांकि अब वे भी मानते हैं कि वह फैसला बेहद सोच समझ कर लिया गया एक समझदारी भरा फैसला था।

हम तो इतना ही कहेंगे के यह यह सौदा इसलिए संभव हुआ क्योंकि फ़ेसबुक के पास इतना पैसा था और इस कारोबार को करने का उनके पास पर्याप्त अनुभव भी था। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि फेसबुक तेजी से बढ़ती सोशल मैसेजिंग इंडस्ट्री में अपना दबदबा बनाए रखना चाहती थी और किसी अन्य कंपनी का दखल उसे पसंद नहीं था।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You