आज शास्त्रों के अनुसार करें शराब का विशेष उपाय, लौट आएंगे अच्छे दिन 

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Saturday, October 08, 2016-8:02 AM

शनिवार का दिन शनि और काली को संबोधित होता है और इसी दिन शारदीय नवरात्र की सप्तमी पड़ रही है। जिसका संबंध देवी कालरात्रि से है। शास्त्रों से ज्ञात होता है की शनिदेव स्वयं महाकाल के भक्त और यम के अनुज हैं। काल का अर्थ अंधेरे से लिया गया है, जो शनि का प्रतिक हैं। शास्त्रों में दुर्भाग्य और कंटक से मुक्ति पाने हेतु कई उपाय़ बताए गए हैं। जिसमें से सबसे कारगर उपाय है देवी काली की उपासना शनिवार के दिन करना। कालिका अथवा कालरात्रि के विशेष उपाय करने से शनि के प्रकोप से मुक्ति मिलती है।


नवग्रहों में शनि को तमोगुणी बताय़ा गया है तथा देवी काली और कालरात्रि का संबंध भी तमोगुण से है। शास्त्रों के अनुसार देवी काली और कालरात्रि पर तामसिक चीजें चढ़ाने से शनि के दुर्भाग्य से मुक्ति मिलती है।


वैसे तो ये उपाय किसी भी शनिवार किए जा सकते हैं लेकिन आज नवरात्र की सप्तमी तिथि है और यह दिन देवी काली और कालरात्रि को समर्पित होने के कारण    यह उपाय शीघ्र ही सिद्ध होंगे।


- संध्या में सूर्यास्त से पहले कांसे के कटोरे में शराब लेकर देवी काली को भोग लगाएं, इससे शनि संबंधित पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।


-  शराब की बोतल सिर से वारकर किसी भी सफाई कर्मचारी को पान करने के लिए भेंट दें, जीवन में आ रही किसी भी तरह की बाधा जैसे करियर, पढ़ाई, शादी, कोर्ट केस आदि से मुक्ति मिलेगी।


- शनिवार के दिन थोड़ी सी शराब से चौराहे पर गोला बनाएं, चारों दिशाओं से आ रही समस्याओं का अंत होगा।


- लाल किताब के अनुसार शराब को कच्ची मिट्टी पर बहाने से लंबे समय से चली आ रही आर्थिक हानि खत्म होगी।

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal

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