केंद्र सरकार की ‘अमृत योजना’ से बदली पंजाब के शहरों की तस्वीर

Edited By Updated: 25 Apr, 2026 05:48 AM

the picture of punjab s cities changed due to  amrit yojana  of the central govt

पंजाब के शहरी इलाकों में पिछले 5 वर्षों में केंद्र सरकार की अमृत (अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना ने बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की है। जल आपूॢत, सीवरेज सिस्टम और हरित क्षेत्रों के विकास पर फोकस करते हुए...

पंजाब के शहरी इलाकों में पिछले 5 वर्षों में केंद्र सरकार की अमृत (अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना ने बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की है। जल आपूॢत, सीवरेज सिस्टम और हरित क्षेत्रों के विकास पर फोकस करते हुए हजारों करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। सीवरेज व्यवस्था में सुधार ने भी शहरों को नई पहचान दी है। नई लाइनों और ट्रीटमैंट सिस्टम से जलभराव की समस्या घटी है और साफ-सफाई में सुधार आया है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम हुए हैं। अमृत योजना का एक और अहम पहलू-हरियाली है। पिछले कुछ वर्षों में शहरों के पार्कों को नया जीवन मिला है। छोटे शहरों के पार्क अब लोगों के मिलने-जुलने, सुकून के स्थान बन गए हैं। बच्चों के खेलने से लेकर बुजुर्गों की सैर तक, ये स्थान शहरी जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं।

3,626 करोड़ रुपए की परियोजनाएं, 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरे
राज्य में अमृत के तहत कुल 214 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिनकी कुल लागत 3,626 करोड़ रुपए रही। इनमें से लगभग 2,980 करोड़ रुपए के कार्य पूरे किए जा चुके हैं, यानी करीब 82 प्रतिशत प्रोजैक्ट पूरे हो चुके हैं।  

हर घर पानी की ओर बढ़ता पंजाब
अमृत 2.0 के तहत लक्ष्य है कि हर शहरी घर तक नल से पानी पहुंचे।  
-कुल बजट का 60-65 प्रतिशत हिस्सा जल आपूॢत पर खर्च  
-मलोट शहर में 16.25 करोड़ रुपए की योजना से लगभग 1 लाख लोगों को फायदा  
-समाना (पटियाला) में 61 करोड़ रुपए की जल परियोजना  
इन परियोजनाओं से कई शहरों में पानी की सप्लाई पहले से ज्यादा नियमित हुई है और टैंकर पर निर्भरता कम हुई है।

सीवरेज नैटवर्क में विस्तार, स्वास्थ्य में सुधार
योजना के तहत सीवरेज पाइपलाइन और सीवेज ट्रीटमैंट प्लांट (एस.टी.पी.) बनाए गए हैं।  
-कई शहरों में जलभराव की समस्या में कमी  
-स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार  
हालांकि, कुछ प्रोजैक्ट अभी भी अधूरे हैं, जिससे पूरी क्षमता हासिल नहीं हो पाई है।

शहरों में बढ़े हरे-भरे क्षेत्र
अमृत के तहत पार्कों और हरित क्षेत्रों का विकास किया गया :  
-नए पार्क और ओपन जिम  
-वॉकिंग ट्रैक और सामुदायिक स्थान  
इससे छोटे शहरों में भी लोगों को बेहतर जीवन गुणवत्ता का अनुभव मिला है।

डाटा बॉक्स (त्वरित तथ्य)
छ्व214 परियोजनाएं स्वीकृत
छ्व3,626 करोड़ रुपए कुल लागत
छ्व2,980 करोड़ रुपए के कार्य पूरे
छ्व60 प्रतिशत बजट जल आपूॢत पर
छ्व665 करोड़ रुपए (2026-27 आबंटन)
छ्वमलोट में 1 लाख लोगों को लाभ
अमृत योजना ने पंजाब के शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। पानी, सीवरेज और हरित क्षेत्र में सुधार दिख रहा है लेकिन पूरी सफलता के लिए समय पर क्रियान्वयन और स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाना जरूरी रहेगा।-आदिल आजमी 

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