Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Apr, 2026 05:23 PM

Aadhaar Deactivation Rules: अगर किसी परिवार के सदस्य का निधन हो जाता है, तो उसका आधार नंबर Deactivate कराना जरूरी माना जाता है। इसके लिए Unique Identification Authority Of India यानी UIDAI ने साफ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि...
Aadhaar Deactivation Rules: अगर किसी परिवार के सदस्य का निधन हो जाता है, तो उसका आधार नंबर Deactivate कराना जरूरी माना जाता है। इसके लिए Unique Identification Authority Of India यानी UIDAI ने साफ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि मृत व्यक्ति के आधार का किसी भी तरह से गलत इस्तेमाल न हो सके।
UIDAI के अनुसार, मृत्यु के बाद Aadhaar Card का मिसयूज होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में Receiving fake subsidies, pensions या bank accounts से गलत तरीके से पैसे निकालने की कोशिश, या किसी अन्य प्रकार की धोखाधड़ी होने की संभावना रहती है। इसलिए आधार को समय पर बंद करना सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
कैसे करें Aadhaar Deactivation
Aadhaar Deactivation की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसके लिए किसी फिजिकल डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होती। परिवार के सदस्य को UIDAI के माय आधार पोर्टल पर जाकर लॉगिन करना होता है। इसके बाद आधार नंबर और OTP के जरिए पहचान सत्यापित की जाती है।
Login करने के बाद सर्विस सेक्शन में Report Death of a Family Member का विकल्प चुनना होता है। इसमें मृत व्यक्ति से जुड़ी जरूरी जानकारी भरनी होती है। फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन पूरा किया जाता है और request submit कर दी जाती है। प्रक्रिया पूरी होने के कुछ समय बाद आधार नंबर Deactive कर दिया जाता है।
UIDAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस प्रक्रिया को लेकर जागरूकता संदेश जारी किया है। संस्था का कहना है कि परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद आधार को बंद कर देना डिजिटल सुरक्षा और सिस्टम की पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मृत व्यक्ति की पहचान का उपयोग गलत गतिविधियों में न हो और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक ही पहुंचे।