Edited By Tanuja,Updated: 25 Apr, 2026 05:19 PM

कनाडा ने 2026 में इमीग्रेशन नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब फोकस ज्यादा लोगों को बुलाने के बजाय हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाले लोगों पर है। PR कोटा घटाया गया है, अवैध प्रवास पर सख्ती बढ़ी है और पहले से रह रहे लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
International Desk: कनाडा सरकार ने 2026 में अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार ज्यादा लोगों को बुलाने के बजाय ऐसे लोगों को प्राथमिकता दे रही है, जो देश की अर्थव्यवस्था में तुरंत योगदान दे सकें। नई नीति के अनुसार, जो लोग पहले से कनाडा में रहकर काम कर रहे हैं और अच्छी सैलरी (करीब 70 लाख रुपये सालाना) कमा रहे हैं, उन्हें PR (परमानेंट रेजिडेंसी) जल्दी मिल सकती है। वहीं अवैध तरीके से आने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा।
सरकार ने 2025 से 2027 के बीच PR देने के कुल कोटे में भी कटौती की है। अब फोकस इस बात पर है कि पहले से कनाडा में मौजूद लोगों जैसे वर्क परमिट या स्टडी परमिट धारकों को ही स्थायी निवासी बनाया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि करीब 40% ऐसे लोगों को PR दिया जाए। इसके अलावा, अब वीजा और वर्क परमिट के लिए हाई-स्किल प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दी जा रही है। खासतौर पर हेल्थकेयर (डॉक्टर, नर्स), इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन (प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन) जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों की मांग ज्यादा है।
स्टूडेंट्स के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब हर कॉलेज या कोर्स के बाद वर्क परमिट मिलना आसान नहीं होगा। केवल उन्हीं कोर्सेज को प्राथमिकता मिलेगी, जिनकी बाजार में मांग है। नए कानूनों में शरण (asylum) के नियम भी कड़े किए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति तय समय के अंदर शरण के लिए आवेदन नहीं करता, तो उसे डिपोर्ट किया जा सकता है। साथ ही नागरिकता कानून में बदलाव करते हुए यह सुविधा दी गई है कि अगर कनाडाई माता-पिता ने कम से कम 3 साल कनाडा में बिताए हैं, तो वे अपने विदेश में जन्मे बच्चों को भी नागरिकता दे सकते हैं।