Edited By jyoti choudhary,Updated: 25 Apr, 2026 01:53 PM

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के निकाय एटीसेपा ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) सेवाओं के प्रस्तावित निजीकरण पर चिंता जताई की है। निकाय का कहना है कि एक स्वायत्त नियामक संस्था स्थापित किए बिना प्राधिकरण से नियंत्रण...
मुंबईः भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के निकाय एटीसेपा ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) सेवाओं के प्रस्तावित निजीकरण पर चिंता जताई की है। निकाय का कहना है कि एक स्वायत्त नियामक संस्था स्थापित किए बिना प्राधिकरण से नियंत्रण हटाना एक ऐसा नीतिगत निर्णय माना जा सकता है, जो भारत की राष्ट्रीय रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करता है।
नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू को 23 अप्रैल को लिखे पत्र में, एयर ट्रैफिक सेफ्टी इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल एसोसिएशन (इंडिया) के महासचिव वाई पी गौतम ने कहा कि इस मामले पर उच्चतम नीतिगत स्तर पर तत्काल पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ''एक स्वतंत्र एयर नेविगेशन सर्विसेज (एएनएस) संरचना को लागू किए बिना हवाई यातायात नियंत्रण सेवाओं में निजी भागीदारी शुरू करने के प्रस्ताव को गंभीर चिंता के साथ देखा जा रहा है।''
उन्होंने कहा, ''एक स्वायत्त एएनएस इकाई की अनुपस्थिति में निजीकरण के साथ आगे बढ़ना एक ऐसे नीतिगत निर्णय के रूप में देखा जाएगा, जो मौजूदा राष्ट्रीय क्षमता को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करता है।'' एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी प्रणाली बनाना, जहां एएनएस एक निर्भर आंतरिक इकाई बनी रहे और निजी संस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करे, जानबूझकर पैदा किया गया एक संस्थागत नुकसान माना जाएगा। इसमें आगे कहा गया कि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में एटीसी सेवाओं का विखंडन जवाबदेही, एकरूपता और परिचालन अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।