Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Jul, 2026 02:34 PM

सरकार ने संसद को बताया कि देश में साइबर धोखाधड़ी लगभग तीन गुना बढ़ गई है और 2020 में ऐसे मामलों की संख्या 10,395 थी जो 2024 में बढ़कर 29,758 हो गई। गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने...
नई दिल्ली: सरकार ने संसद को बताया कि देश में साइबर धोखाधड़ी लगभग तीन गुना बढ़ गई है और 2020 में ऐसे मामलों की संख्या 10,395 थी जो 2024 में बढ़कर 29,758 हो गई। गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2024 में तेलंगाना में साइबर धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा ऐसे मामले दर्ज किए गए।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा प्रकाशित आंकड़ों से पता चला है कि 2020 में साइबर धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 10,395 थी जो 2021 में बढ़कर 14,007, वर्ष 2022 में 17,470 और 2023 में 19,466 हो गई। वर्ष 2024 में ऐसे 29,758 मामले सामने आए। वर्ष 2024 में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के सबसे ज़्यादा 4,659 मामले सामने आए, इसके बाद क्रेडिट या डेबिट कार्ड धोखाधड़ी (3,829), मार्केटिंग या निवेश धोखाधड़ी (3,044), एटीएम धोखाधड़ी (1,659), फर्जी कॉल (1,264), गेमिंग ऐप या वेबसाइट धोखाधड़ी (1,019), ओटीपी धोखाधड़ी (965) और यूपीआई धोखाधड़ी (723) के मामले सामने आए।
मंत्री ने बताया कि गेमिंग ऐप या वेबसाइट, मार्केटिंग या निवेश धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, यूपीआई धोखाधड़ी आदि के तहत आंकड़े 2024 से अलग-अलग रखे जाते हैं। राज्यवार आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना में 2024 में सबसे अधिक 18,922 साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए, इसके बाद बिहार (4,020), महाराष्ट्र (2,827) और ओडिशा (1,546) का स्थान है। मंत्री ने कहा कि एनसीआरबी साइबर धोखाधड़ी के मामलों में खोए या वापस मिले पैसे का डेटा नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी से मिलकर निपटने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) बनाया है।