इन कारणों से आई बाजार में गिरावट, निवेशकों के डूबे 4 लाख करोड़ रुपए

Edited By jyoti choudhary, Updated: 09 May, 2022 05:44 PM

due to these reasons the market fell investors lost rs 4 lakh crore

सोमवार को घरेलू स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट के साथ निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए की कमी देखने को मिली। कुछ समय के लिए बीएसई सेंसेक्स ने 54,000 का स्तर तोड़ दिया, वहीं निफ्टी रिकवरी से पहले 16,150 के स्तर पर आ गया था। शुरुआती 30...

बिजनेस डेस्कः सोमवार को घरेलू स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट के साथ निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए की कमी देखने को मिली। कुछ समय के लिए बीएसई सेंसेक्स ने 54,000 का स्तर तोड़ दिया, वहीं निफ्टी रिकवरी से पहले 16,150 के स्तर पर आ गया था। शुरुआती 30 मिनट के दौरान आई भारी गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड सभी स्टॉक्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.74 लाख करोड़ रुपए घटकर 255.17 लाख करोड़ रुपए रह गया।

बाजार में गिरावट के कुछ अहम फैक्टर्स... 

रिकॉर्ड लो पर पहुंचा रुपया
मजबूत यूएस जॉब्स डाटा और फेड के आक्रामक रूप से दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के चलते इमर्जिंग मार्केट करेंसीज की तुलना में डॉलर में मजबूती देखने को मिली और रुपया भी अपवाद नहीं रहा। रुपया शुरुआती कारोबार में बड़ी कमजोरी के साथ 77.1325 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ, घरेलू करेंसी ने अपने 7 मार्च के पिछले रिकॉर्ड लो 76.98 प्रति डॉलर के स्तर को पीछे छोड़ दिया।

FPI की बिकवाली
जहां तक एफपीआई आउटफ्लो की बात है तो रुपए में कमजोरी और अच्छी वैल्यूएशंस भारत के लिए अच्छा संकेत नहीं है। डाटा से पता चलता है फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स ने इस महीने में अभी तक 6,417 करोड़ रुपए निकाले हैं और 2022 में अभी तक 1,33,579 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं। रुपए में कमजोरी से एफपीआई के इक्विटी रिटर्न में कमी आती है। वहीं अच्छी वैल्यूएशन होने के कारण भी मदद नहीं मिल रही है। जिओजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, “गिरावट के बावजूद वित्त वर्ष 23 की संभावित अर्निंग्स की तुलना में निफ्टी50 (Nifty50) 19 गुने पर कारोबार कर रहा है। यह 16 गुने के दीर्घकालिक औसत से ज्यादा है। निश्चित रूप से यह खरीद लायक वैल्यूएशन नहीं है।”

यूएस जॉब्स का अच्छा डाटा
शुक्रवार को जारी गैर कृषि पेरोल्स से जुड़े डाटा से पता चलता है कि अप्रैल में नौकरियों में 4,28,000 की बढ़ोतरी रही। पहली तिमाही के दौरान जीडीपी में कमजोरी के बावजूद जॉब्स डाटा में सुधार से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का पता चलता है। इससे आशंकाएं बढ़ गई हैं कि यूएस फेड (US Fed) महंगाई के काबू में आने तक आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाना जारी रख सकता है।

अमेरिकी और एशियाई बाजार
गुरुवार की तरह शुक्रवार को भी अमेरिकी स्टॉक मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए। खराब सेंटीमेंट से एशियाई बाजारों पर दबाव बढ़ गया। ज्यादातर एशियाई बाजारों में 2.5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। जापान के निक्केई इंडेक्स (Nikkei index) में 2.3 फीसदी की कमजोरी रही। थाईलैंड और कोरिया के बाजारों में 1.7 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली। ऑस्ट्रेलिया में 1.8 फीसदी की गिरावट रही। वहीं हॉन्गकॉन्ग और चीन के बाजार छुट्टी के चलते बंद रहे।

टेक्निकल कमजोरी
निफ्टी50 ने शुक्रवार को डेली चार्ट पर डोजी कैंडिल बनाया। वहीं वीकली चार्ट में  चौथे हफ्ते इंडेक्स ने बियरिश कैंडिल बनाया, जिससे बाजार पर मंदड़ियों के हावी होने के संकेत मिलते हैं। इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेस से नीचे ट्रेड कर रहा था। एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार में मुश्किलें बनी हुई हैं और निकट भविष्य में राहत की संभावना नहीं है।
 

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