India Luxury Car Sales: 5 साल की तेजी के बाद थमा लग्जरी कार बाजार, धीमी पड़ी बिक्री

Edited By Updated: 27 Jun, 2026 05:49 PM

luxury car market stalls after five year boom sales growth slows down

भारत के लग्जरी कार बाजार की रफ्तार 2026 की पहली छमाही में धीमी पड़ गई है। पिछले पांच वर्षों से लगातार मजबूत वृद्धि दर्ज करने वाला यह सेगमेंट अब ठहराव की स्थिति में पहुंच गया है। उद्योग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ₹40 लाख से अधिक कीमत

बिजनेस डेस्कः भारत के लग्जरी कार बाजार की रफ्तार 2026 की पहली छमाही में धीमी पड़ गई है। पिछले पांच वर्षों से लगातार मजबूत वृद्धि दर्ज करने वाला यह सेगमेंट अब ठहराव की स्थिति में पहुंच गया है। उद्योग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ₹40 लाख से अधिक कीमत वाली लग्जरी कारों की बिक्री 24,000 से 25,000 यूनिट के बीच ही सीमित रही। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, रुपए की कमजोरी और लगातार बढ़ती कीमतों ने मांग पर असर डाला है।

लगातार महंगी होती कारें बनीं बड़ी चुनौती

ऑटोमोबाइल कंपनियों ने 2026 के दौरान कई बार कीमतों में बढ़ोतरी की है। रुपए के मुकाबले यूरो मजबूत होने से आयात लागत बढ़ी, जिसका असर सीधे वाहनों की कीमतों पर पड़ा। पिछले पांच वर्षों में लग्जरी कारों की कीमतों में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इससे प्रीमियम सेगमेंट के वे ग्राहक, जो पहली बार लग्जरी कार खरीदना चाहते थे, अब खरीदारी टाल रहे हैं।

वैश्विक हालात का भी दिखा असर

विशेषज्ञों के अनुसार, लग्जरी कार खरीदने वाले ग्राहक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर अधिक नजर रखते हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर अनिश्चितता के कारण कई हाई-नेट-वर्थ निवेशकों ने अपने बड़े खर्च फिलहाल टाल दिए हैं। वहीं कमजोर रुपया कंपनियों की लागत बढ़ा रहा है, जिससे कीमतों में और इजाफा हो रहा है।

अल्ट्रा-लग्जरी कारों की मांग बनी मजबूत

हालांकि पूरे बाजार में सुस्ती नहीं है। सबसे महंगी और हाई-एंड लग्जरी कारों की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है। वाहन निर्माता कंपनियां अब अधिक मुनाफा देने वाले प्रीमियम मॉडल्स और इलेक्ट्रिक लग्जरी वाहनों पर फोकस बढ़ा रही हैं। इससे अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में बिक्री का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर बना हुआ है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर

उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में लग्जरी कार बाजार की दिशा कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें रुपये की स्थिति, कीमतों में संभावित बदलाव, एंट्री-लेवल लग्जरी कारों की मांग और हाई-एंड इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता प्रमुख हैं। यदि वैश्विक आर्थिक माहौल स्थिर रहता है और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ता है, तो इस सेगमेंट में दोबारा तेजी लौट सकती है।
 

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