Edited By Niyati Bhandari,Updated: 08 Jul, 2026 03:39 PM

Sawan 2026 Calendar: भगवान शिव का प्रिय माह सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। जानें, सावन सोमवार व्रत की सटीक तारीखें, महत्व और कांवड़ यात्रा का शुभ समय।
Sawan 2026 Calendar: भोले बाबा के भक्तों के लिए सावन माह किसी पर्व से कम नहीं होता। साल 2026 में शिव भक्ति का यह पावन महीना जल्द ही दस्तक देने वाला है। इस साल सावन का मंगलमय आरंभ जुलाई के अंतिम दिनों में होने जा रहा है, जिसको लेकर शिव मंदिरों और कांवड़ियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
कब से शुरू हो रहा है सावन 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में भोले बाबा की पूजा का खास माह सावन 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। भक्ति और आस्था का यह सफर 28 अगस्त 2026 तक चलने वाला है तत्पश्चात इसका समापन होगा।
श्रावण माह में सोमवार का विशिष्ट महत्व होता है। सोमवार का दिन भगवान शंकर को समर्पित है। इस दिन शिवालयों में विशेष शिव पूजन किया जाता हैं। शास्त्रनुसार सोमवार हेतु तीन प्रकार के व्रत बताए गए हैं। पहला मात्र श्रावण माह में जितने सोमवार पड़े उन समस्त सोमवार पर व्रत कर शिव परिवार की आराधना करना, दूसरा सोलह सोमवार का संकल्प ले कर श्रावण माह के प्रथम सोमवार से प्रारंभ कर सोलह सोमवार व्रत करना तथा तीसरा है सोम प्रदोष व्रत जो माह में दो बार आता है।
शिव व्रत में शिव परिवार का विशेष पूजन किया जाता है। श्रावण सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर गोधुली वेला तक किया जाता है इसके उपरांत सविधि शिव परिवार पूजन पश्चात सोमवार व्रत कथा करनी चाहिए। इस व्रत में दिन में एक समय का सात्विक भोजन करना चाहिए। विधिवत श्रावण पूजन करने से सभी अनिष्टों, अकाल मृत्यु व बाधाओ से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में कुटुंब, धन-धान्य, समस्त सुख समृद्धि, ऐश्वर्य से परिपूर्ण रहता है।

पहला सोमवार और व्रत कैलेंडर
सावन में सोमवार के व्रत का विशेष फल मिलता है, जिसे 'सोमवारी व्रत' भी कहा जाता है। इस वर्ष सावन का पहला सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। भक्तों की सुविधा के लिए यहाँ सावन सोमवार की सभी महत्वपूर्ण तिथियां दी गई हैं:
पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

कांवड़ यात्रा और रुद्राभिषेक का महत्व
सावन मास में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कांवड़ यात्रा को सहज मार्ग माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई सच्चे मन से भगवान से कुछ मांग ले तो वह जरूर पूरा होता है। कहा जाता है कि जो भी सावन महीने में कांधे पर कांवड़ रखकर बोल-बम का नारा लगाते हुए पैदल यात्रा करता है, उसे अश्वमेघ यज्ञ करने जितना फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि उसे मृत्यु के बाद उसे शिवलोक की प्राप्ति होती है।
